facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

कर्नाटक में एनोड प्लांट पर नजर, एप्सिलॉन लगाएगी 9,000 करोड़ रुपये

Advertisement

हांडा ने कहा कि इस संयंत्र में निवेश दो चरणों में होगा। पहले चरण में 4,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और शेष 5,000 करोड़ रुपये दूसरे चरण में लगाए जाएंगे।

Last Updated- September 15, 2024 | 10:46 PM IST
money

बैटरी सामग्री विनिर्माता एप्सिलॉन एडवांस्ड मैटेरियल्स कर्नाटक में 9,000 करोड़ रुपये की लागत से 90,000 टन सालाना उत्पादन क्षमता वाला एनोड संयंत्र स्थापित करने की योजना बना रही है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।

एप्सिलॉन समूह के प्रबंध निदेशक विक्रम हांडा ने कहा कि इस संयंत्र में निवेश दो चरणों में होगा। पहले चरण में 4,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और शेष 5,000 करोड़ रुपये दूसरे चरण में लगाए जाएंगे।

हांडा ने कहा, ‘ऐसे में हम 2026 की चौथी तिमाही तक भारत में 30,000 टन के एनोड संयंत्र के बारे में सोच रहे हैं, जिसपर लगभग 4,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इस संयंत्र की क्षमता को 2031 तक बढ़ाकर 90,000 टन किया जाएगा। इस तरह अगले आठ साल में हमारे सालाना कारोबार के लिए कुल पूंजीगत व्यय 9,000 करोड़ रुपये है।’

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के साथ भारतीय सेल निर्माता कंपनियों को देश में बैटरी संयंत्र स्थापित करने की जरूरत है। एप्सिलॉन उत्पाद इन सेल कंपनियों के लिए एनोड और कैथोड सामग्री के टिकाऊ और विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में कार्य करेंगे। इस तरह एप्सिलॉन देश में कच्चे माल के प्रसंस्करण पारिस्थितिकी तंत्र और यहां तक ​​कि वैश्विक मांग के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

हांडा ने कहा कि कंपनी अगले छह से आठ महीनों में संयंत्र के लिए भूमि पूजन समारोह की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि संयंत्र के निर्माण में डेढ़ साल का समय लगेगा। उन्होंने बताया ‘हमारा विचार 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत तक बाजार में आपूर्ति शुरू करने का है।’

Advertisement
First Published - September 15, 2024 | 10:46 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement