सिंगापुर की एवरस्टोन कैपिटल ने भारत की अपोथेकॉन के प्रवर्तकों और अमेरिका की नैविंटा के साथ मिलकर बने संयुक्त प्लेटफॉर्म में बड़ी हिस्सेदारी के लिए लगभग 27 करोड़ डॉलर का निवेश किया है।
इस सौदे से अपोथेकॉन ग्रुप का गठन हुआ है, जो स्पेशलिटी फॉर्मूलेशन कारोबार है और नियमन वाले बाजारों पर केंद्रित है। यह कंपनी अपनी आंतरिक फॉर्मूलेशन क्षमताओं को निजी इस्तेमाल वाले ऐक्टिव फार्मास्युटिकल इन्ग्रेडिएंट (एपीआई) विनिर्माण के साथ जोड़ती है। उसकी वाणिज्यिक मौजूदगी अमेरिका, यूरोप और अन्य वैश्विक बाजारों तक है।
उद्योग के दिग्गजों ने साल 2003 में अपोथेकॉन ग्रुप की स्थापना की थी। इनमें सैंडोज के पूर्व अधिकारी डॉ. महेंद्र पटेल और सैंडोज के पूर्व सीओओ तथा जाइड्स यूएस के चेयरमैन जो रेनर शामिल हैं। अपोथेकॉन ग्रुप ने इंजेक्शन, ओरल सॉलिड्स और खुराक के अन्य प्रारूपों में विविधतापूर्ण पोर्टफोलियो बनाया है।
कंपनी भारत के वडोदरा और हैदराबाद के साथ-साथ अमेरिका के न्यू जर्सी और फ्लोरिडा में विनिर्माण तथा अनुसंधान एवं विकास (आरऐंडडी) इकाइयों का संचालन करती है। उसके संयंत्र दुनिया भर में वितरण के लिए फॉर्मूलेशन, एपीआई और इंटरमीडिएट्स का उत्पादन करते हैं।
एवरस्टोन कैपिटल के सह-संस्थापक और मुख्य निवेश अधिकारी अतुल कपूर ने कहा, ‘अपोथेकॉन ग्रुप की जटिल फॉर्मूलेशन में विशेषज्ञता है। उसका विभिन्न दवाओं को पेश करने का जोरदार ट्रैक रिकॉर्ड है।’ उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि कंपनी और और ज्यादा ऊंचाइयों तक पहुंचेगी। हम अगले अध्याय से उम्मीद कर रहे हैं।’
एवरस्टोन कैपिटल इस कंपनी की उत्पाद पाइपलाइन को तेज करने, नए बाजारों में विस्तार करने तथा अधिग्रहण की योजना बना रही है, जबकि संस्थापक प्रर्वतकों के पास अहम हिस्सेदारी बरकार रहेगी। डॉ. महेंद्र पटेल चेयरमैन बने रहेंगे। एवरस्टोन पंचम मुकिम और अर्जुन ओबेरॉय को निदेशक मंडल में नियुक्त करेगी।