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नरमी की आशंका, FMCG फर्मों की राजस्व वृद्धि कम रहेगी

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ब्रोकरेज फर्मों को उम्मीद है कि मात्रा में नरमी बरकरार रहेगी और दूसरी तिमाही से ज्यादा अंतर नहीं आएगा।

Last Updated- January 05, 2024 | 10:25 PM IST
FMCG GST rate Cut

रोजमर्रा के सामान (एफएमसीजी) वाली कंपनियों में अक्टूबर-दिसंबर (वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही) में भी कमजोरी रहने की संभावना है। इसका असर कंपनियों के राजस्व पर पड़ेगा और मार्जिन भी दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर तिमाही जैसा रहने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्मों को उम्मीद है कि मात्रा में नरमी बरकरार रहेगी और दूसरी तिमाही से ज्यादा अंतर नहीं आएगा।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, ‘ मांग और मार्जिन का रुझान मोटे तौर पर दूसरी तिमाही के अनुरूप ही रहेगा।’ साल के दौरान जिंसों की कीमतों में नरमी के कारण कंपनियों ने अपने उत्पादों की कीमतों में कटौती की जिससे भी तिमाही में राजस्व वृद्धि सीमित हो गई। घरेलू ब्रोकरेज फर्म ने यह भी कहा, ‘हमें उम्मीद है कि अधिकतर प्रमुख कंपनियों में मात्रात्मक वृद्धि एक अंक में रहेगी और राजस्व और एबिटा भी कम बढ़ेगा।’

फिलिप कैपिटल इंडिया के उपाध्यक्ष अनुसंधान (उपभोक्ता एवं खुदरा) विशाल गुटका ने कहा कि खेती से आय प्रभावित होने के कारण ग्रामीण मांग भी कमजोर बनी हुई है और क्षेत्रीय कंपनियां बड़ी कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी छीनने की प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘ टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, ज्योति लैब्स और नेस्ले इंडिया बाकी एफएमसीजी कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन करेंगी। दिसंबर तिमाही में नेस्ले इंडिया की राजस्व वृद्धि दो अंकों में बरकरार रहने की उम्मीद है।’

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कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का भी कहना है कि एबिटा वृद्धि राजस्व वृद्धि से ज्यादा रह सकती है। त्योहारी तिमाही होने के बावजूद मांग ज्यादा नहीं बढ़ी है।

ब्रोकरेज फर्म दौलत कैपिटल के उपाध्यक्ष सचिन बोबडे ने कहा, ‘उत्तर भारत में सर्दियां देर से आने के कारण इससे जुड़ी वस्तुओं की मांग में कमी देखी गई और पूर्वी भारत में भी सर्दियां देरी से आईं और गर्मी रहने से तीसरी तिमाही में हेल्थ सप्लीमेंट्स और स्किनकेयर श्रेणी की बिक्री प्रभावित हुई।’ उन्हें घरेलू और व्यक्तिगत देखभाल की श्रेणी में मात्रात्मक वृद्धि कम एकल अंकीय रहने की उम्मीद है।

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने भी कहा कि दिसंबर में खत्म तिमाही के दौरान ग्रामीण मांग कमजोर बनी रही। ब्रोकरेज फर्म ने कई श्रेणियों में स्थानीय कंपनियों के बढ़ने के बारे में बताया।

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First Published - January 5, 2024 | 10:25 PM IST

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