facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

पेट्रोलियम भंडारण की जगह लेना चाहती हैं विदेशी कंपनियां

Advertisement

ISPRL मंगलूरु में 7.5 लाख टन तेल भंडारण क्षमता पट्टे पर देगा।

Last Updated- February 06, 2024 | 10:45 PM IST
India's oil demand will be stable till mid-2040, global demand likely to fall after 2035: BP Energy भारत की तेल मांग 2040 के मध्य तक होगी स्थिर, वैश्विक मांग 2035 के बाद गिरने की संभावना: बीपी एनर्जी

इंडियन स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड (आईएसपीआरएल) मंगलूरु स्थित अपने भंडारण में से 7.5 लाख टन भंडारण क्षमता को पट्टे पर देने की तैयारी कर रही है, जिसमें विदेशी कंपनियां रुचि ले रही हैं। इंडिया एनर्जी वीक 2024 के दौरान सूत्रों ने यह जानकारी दी।

इसके साथ ही पूरा मंगलूरु स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व (एसपीआर), जिसमें 7.5 लाख टन क्षमता के दो भंडार शामिल हैं, पट्टे पर दे दिया जाएगा। अबू धाबी नैशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) 2018 से 2 भंडारों में कच्चे तेल का भंडारण कर रही है और उसने पडुर के भंडारण केंद्र के इस्तेमाल के लिए समझौता किया है।

इसके लिए रुचि पत्र तैयार किया जा रहा है और कुवैत सहित कुछ देशों की कंपनियां इसमें रुचि ले रही हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत आने वाले तेल उद्योग विकास बोर्ड (ओआईडीबी) की विशेष उद्देश्य इकाई आईएसपीआरएल पेट्रोलियम भंडारण का काम करती है।

आईएसपीआरएल इस समय 53.3 लाख टन रणनीतिक कच्चे तेल के भंडारण का प्रबंधन करती है। यह भंडारण क्षमता आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम और कर्नाटक के पडुर (उडुपी के निकट) और मंगलौर में है। विशाखापत्तनम केंद्र की क्षमता 13.3 लाख टन है, जो जून 2015 से चल रहा है।

वहीं मंगलूरु की क्षमता 15 लाख टन और पडुर की क्षमता 25 लाख टन है, जो क्रमशः अक्टूबर 2016 और दिसंबर 2018 से चल रहे हैं। आईएसपीआरएल ने दूसरे चरण के तहत दो अन्य वाणिज्यिक व रणनीतिक भंडार का निर्माण कर रही है।

Advertisement
First Published - February 6, 2024 | 10:45 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement