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Fortune 500: फॉर्च्यून की टॉप 500 में से 70% कंपनियां भारत में करना चाहती है बिजनेस, रिपोर्ट ने बताया 2030 तक का प्लान

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भारत में GCC का विस्तार अब टियर-II और टियर-III शहरों तक भी हो रहा है, जिससे वित्त वर्ष 19 से 24 (FY19-FY24) के बीच राजस्व में 60% और कर्मचारियों की संख्या में 36% हुई है।

Last Updated- September 11, 2024 | 6:30 PM IST
कारोबारी सुगमता बनाम कर मांग का दबाव, Ease of business vs tax pressure

India GCC Landscape Report: The 5-year Journey: भारत स्थित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) ने पिछले पांच वर्षों में देश के टेक्नोलॉजी के नजरिये को एक नया आकार दिया है। नासकॉम और जिनोव (Nasscom and Zinnov) की तरफ से जारी ‘इंडिया GCC लैंडस्केप रिपोर्ट: द 5-ईयर जर्नी’ के अनुसार, 2030 तक 70 प्रतिशत फॉर्च्यून 500 कंपनियां भारत में अपनी मौजूदगी का विस्तार करेंगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक GCC का राजस्व 9,900 करोड़ डॉलर (99 बिलियन डॉलर) से 10,500 करोड़ डॉलर तक पहुंच सकता है, जो वर्तमान के 4,600 करोड़ डॉलर से 9-10 प्रतिशत की वृद्धि है। GCC की संख्या 2030 तक वर्तमान 1,700 से बढ़कर 2,100-2,200 तक हो सकती है।

किसलिए भारत में बिजनेस बढ़ाना चाह रहीं कंपनियां

इस ग्रोथ की प्रमुख वजहों में भारत में वैश्विक भूमिकाओं का विस्तार, AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoEs), इंजीनियरिंग, रिसर्च &डेवलपमेंट (R&D) पर फोकस होना शामिल है। भारतीय GCCs में 6,500 से ज्यादा रोल हैं, जो अगले छह वर्षों में 30,000 से अधिक हो जाएंगे।

रिपोर्ट यह भी बताती है कि AI की अगुवाई में हो रहे बदलाव से GCCs की ग्रोथ तेज हो रही है। भारत में 500 से सेंटर AI और मशीन लर्निंग (ML) पर फोकस्ड हैं, और 120,000 से अधिक AI प्रोफेशनल्स इन GCCs और CoEs में काम कर रहे हैं।

बढ़ रहा टैलेंट पूल

नासकॉम की अध्यक्ष (Chairperson of Nasscom) सिंधु गंगाधरन ने कहा, ‘GCCs तेजी से ऑपरेटिंग सेटर्स से इनोवेशन और स्ट्रेटेजिक ग्रोथ के सच्चे इंजन बनने के लिए विकसित हुए हैं। जैसे-जैसे वे मैच्योरिटी की ओर आगे बढ़ते हैं, वे ग्लोबल एजेंडा का लीड करने, महत्वपूर्ण प्रबंधकीय भूमिकाएं (important manegeril roles) सुरक्षित करने और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं को आकार देने के लिए तेजी से तैनात होते हैं। इससे भारत डिजिटल परिवर्तन और टिकाऊ व्यापार प्रथाओं (sustainable business practices) में ग्लोबल लीडर बनने के लिए प्लेटफॉर्म तैयार हो सकेगा।’

GCC सेंटर्स में ग्रोथ की वजह से टैलेंट का पूल भी बड़ा हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, GCCs में कर्मचारियों की संख्या 2023 तक 25-28 लाख तक पहुंचने की संभावना है, जो वर्तमान 19 लाख से अधिक है।

बढ़ी कर्मचारियों की संख्या

भारत में GCC का विस्तार अब टियर-II और टियर-III शहरों तक भी हो रहा है, जिससे वित्त वर्ष 19 से 24 (FY19-FY24) के बीच राजस्व में 60 प्रतिशत और कर्मचारियों की संख्या में 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

जिनोव के CEO पारी नटराजन ने कहा, ‘भारत बिना किसी संदेह के GCC की ग्लोबल कैपिटल बन गया है। भारतीय GCCs न केवल स्केल में, बल्कि हाई वैल्यू चार्टर्स में भी लीड कर रहे हैं, जहां हम भारत से प्रोडक्ट ओनरशिप में वृद्धि के साथ पोर्टफोलियो और ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर्स की ओर बदलाव देख रहे हैं। वास्तव में दिलचस्प बात यह है कि भारत कैसे वैश्विक संगठनों का एक सूक्ष्म जगत बन गया है। हर बिजनेस यूनिट और कार्यों का अब यहां कुछ रिप्रेजेंटेशन है, जिससे हमारे GCCs ग्लोबल टेक्नोलॉजी एडवांसमेंट के प्रमुख केंद्र बन गए हैं।’

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First Published - September 11, 2024 | 6:30 PM IST

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