facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

एक साल से भी कम में डिस्कॉम पर Genco का बकाया एक-तिहाई घटा

Advertisement
Last Updated- May 21, 2023 | 1:05 PM IST
power

बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) पर बिजली उत्पादकों (जेनको) का बकाया इस साल मई में करीब एक-तिहाई घटकर 93,000 करोड़ रुपये रह गया है। पिछले साल जून में विलंब भुगतान अधिभार (एलपीएस) नियम लागू किया गया था। उसके बाद से एक साल से भी कम समय में डिस्कॉम के बकाया में काफी कमी आई है।

पिछले साल तक डिस्कॉम पर जेनको का बकाया मुख्य रूप से क्षेत्र की पूरी मूल्य श्रृंखला को प्रभावित कर रहा था। उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल जून में एलपीएस योजना शुरू होने के समय डिस्कॉम का बकाया 1.39 लाख करोड़ रुपये था।

‘प्राप्ति’(पेमेंट रैटिफिकेशन एंड एनालिसिस इन पावर प्रोक्योरमेंट फॉर ब्रिंगिंग ट्रांसपेरेंसी इन इन्वॉयसिंग ऑफ जेनरेटर) पोर्टल के अनुसार, अब कुल बकाया राशि घटकर 93,000 करोड़ रुपये रह गई है।

बिजली खरीद लेनदेन में पारदर्शिता लाने के लिए प्राप्ति पोर्टल मई, 2018 में शुरू किया गया था। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि एलपीएस नियमों को सख्ती से लागू करने से बिजली क्षेत्र अधिक व्यवहार्य हो सकता है। यह नियम सुनिश्चित करता है कि डिस्कॉम बकाया का भुगतान समय पर करें। इस योजना से डिस्कॉम में वित्तीय अनुशासन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Advertisement
First Published - May 21, 2023 | 1:05 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement