facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Hindustan Zinc, AEsir Technologies में अगली पीढ़ी की जस्ता बैटरी विकसित करने के लिए साझेदारी

Advertisement

कंपनी ने कहा कि जस्ता बैटरियां अपने संक्षारण प्रतिरोध, लागत प्रभावशीलता, पुनर्चक्रण, स्थिरता और पर्यावरण अनुकूलता के कारण ऊर्जा भंडारण में क्रांति ला रही हैं।

Last Updated- June 21, 2024 | 2:39 PM IST
Hindustan Zinc
Representative Image

हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने अगली पीढ़ी की जस्ता बैटरियां विकसित करने के लिए अमेरिका की एईसर टेक्नोलॉजीज, इंक. के साथ साझेदारी की है। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (एचजेडएल) ने शुक्रवार को बयान में कहा कि कंपनी ने अगली पीढ़ी की जस्ता (जिंक) बैटरी प्रौद्योगिकियों में विशेषज्ञता रखने वाली कंपनी एईसर टेक्नोलॉजीज, इंक. के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस साझेदारी का उद्देश्य बैटरी विनिर्माण में प्रमुख कच्चे माल- जस्ता का पसंदीदा आपूर्तिकर्ता बन सके। कंपनी ने कहा कि यह समझौता ज्ञापन स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन में जस्ता के उभरते अनुप्रयोगों की खोज की दिशा में कंपनी के प्रयासों के अनुरूप है।

कंपनी ने कहा कि जस्ता बैटरियां अपने संक्षारण प्रतिरोध, लागत प्रभावशीलता, पुनर्चक्रण, स्थिरता और पर्यावरण अनुकूलता के कारण ऊर्जा भंडारण में क्रांति ला रही हैं। एचजेडएल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अरुण मिश्रा ने कहा, “एईसर टेक्नोलॉजीज के साथ यह साझेदारी उभरते स्वच्छ प्रौद्योगिकी क्षेत्र में हमारे चल रहे विकासात्मक कार्य में एक और कदम है।”

Advertisement
First Published - June 21, 2024 | 2:39 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement