facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Honda एआई टेक्नोलॉजी पर आईआईटी दिल्ली, बॉम्बे के साथ करेगी ज्वाइंट रिसर्च

Advertisement

कंपनी की योजना ऐसी चालक सहायता और स्वचालित ‘ड्राइविंग’ प्रौद्योगिकियों को विकसित करना है जो भारत सहित दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में पेश की जा सकें।

Last Updated- September 11, 2024 | 12:22 PM IST
Honda
Representative image

जापान की वाहन विनिर्माता कंपनी होंडा ने आईआईटी दिल्ली और आईआईटी बॉम्बे के साथ कृत्रिम मेधा(एआई) प्रौद्योगिकियों पर संयुक्त अनुसंधान शुरू करने की बुधवार को घोषाणा की।

कंपनी की योजना ऐसी चालक सहायता और स्वचालित ‘ड्राइविंग’ प्रौद्योगिकियों को विकसित करना है जो भारत सहित दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में पेश की जा सकें। कंपनी ने बयान में कहा, संयुक्त अनुसंधान का मकसद होंडा सीआई (कॉपरेटिव इंटेलिजेंस) को और आगे बढ़ाना है।

सीआई मूल रूप से होंडा एआई है जो मशीनों तथा लोगों के बीच आपसी समझ को कायम करती है। भारत में होंडा की अनुषंगी कंपनी होंडा कार्स इंडिया लिमिटेड (एचसीआईएल) दोनों आईआईटी के साथ एक संयुक्त अनुसंधान अनुबंध पर हस्ताक्षर करेगी।

बयान में कहा गया, ‘‘ आईआईटी बड़ी संख्या में उत्कृष्ट शोधकर्ताओं तथा इंजीनियर का घर है। उन संस्थानों के साथ संयुक्त अनुसंधान के जरिये सीआई की अंतर्निहित प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाने का प्रयास होंडा करेगा, साथ ही भविष्य में उन प्रौद्योगिकियों के अनुप्रयोगों पर ध्यान केंद्रित करेगा जो यातायात दुर्घटनाओं को कम करेंगे और स्वचालित ‘ड्राइविंग’ को सक्षम बनाएंगे।’’

होंडा ने कहा कि वह 2019 से सक्रिय रूप से आईआईटी स्नातकों को काम पर रख रहा है। इनमें से कई अब ‘मोबिलिटी इंटेलिजेंस’ के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जिसमें सीआई का अनुसंधान व विकास भी शामिल है।

Advertisement
First Published - September 11, 2024 | 12:22 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement