देश की प्रमुख एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) का वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में संचयी शुद्ध मुनाफा इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही से 21.4 फीसदी बढ़ा है। न्यूट्रिशनलैब में अपनी हिस्सेदारी बेचने से हुई एकमुश्त कमाई से कंपनी का मुनाफा ज्यादा बढ़ा है।
असाधारण प्राप्तियों को छोड़ दें तो वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में एचयूएल का शुद्ध लाभ महज 4 फीसदी बढ़कर 2,711 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का यह प्रदर्शन 12 तिमाही में सबसे अच्छा रहा। मार्च तिमाही के दौरान बिक्री में 7 फीसदी और वॉल्यूम (मात्रा) में 6 फीसदी का इजाफा हुआ।
वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी के शेयरधारकों को मिलने वाला शुद्ध लाभ 2,992 करोड़ रुपये रहा। मार्च तिमाही में शुद्ध बिक्री 7.6 फीसदी बढ़कर 16,351 करोड़ रुपये हो गई। ये दोनों ही आंकड़े ब्लूमबर्ग के अनुमान से बेहतर रहे। इन सभी आंकड़ों में आइसक्रीम कारोबार शामिल नहीं है, जिसे 1 दिसंबर को अलग कर दिया गया था।
एचयूएल की मुख्य कार्याधिकारी और प्रबंध निदेशक प्रिया नायर ने कहा, ‘इस साल हमने वृद्धि को तेज करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। इनमें अपने पोर्टफोलियो को बेहतर बनाना, बड़े पैमाने पर मांग पैदा करने के लिए निवेश बढ़ाना और काम में तेजी तथा बेहतर क्रियान्वयन के लिए संगठन को सरल बनाना शामिल है।’
नायर ने कहा, ‘बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के कारण जिंसों के दाम और मुद्रा में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। हम अनुशासित बचत, अपनी वैश्विक और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और कीमतों को लेकर सोचे-समझे कदमों के जरिये इन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।’ चौथी तिमाही में एबिटा 6 फीसदी बढ़कर 3,841 करोड़ रुपये रहा और मार्जिन 23.7 फीसदी रहा।
कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 में उसका कुल कारोबार 63,763 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 10,324 करोड़ रुपये रहा।
निदेशक मंडल ने प्रति शेयर 22 रुपये का अंतिम लाभांश देने का प्रस्ताव किया है। इस साल कंपनी का कुल लाभांश भुगतान 9,633 करोड़ रुपये होगा।