भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर अब तेजी से वैश्विक पहचान बना रहा है। ब्रांड वैल्यू से जुड़ी एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश के आठ ऑटो ब्रांड दुनिया के टॉप 100 में शामिल हुए हैं, जो इस सेक्टर की बढ़ती ताकत को दिखाता है।
इस सूची में Mahindra & Mahindra सबसे आगे रहा। कंपनी 17 फीसदी की बढ़त के साथ 25वें स्थान पर पहुंच गई और इसकी ब्रांड वैल्यू बढ़कर 3.8 अरब डॉलर हो गई। कंपनी की SUV रेंज, बेहतर मुनाफा और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर फोकस इसकी ग्रोथ की बड़ी वजह रहे।
वहीं Royal Enfield ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। यह दुनिया का तीसरा सबसे मजबूत ऑटो ब्रांड बना और इसकी ब्रांड वैल्यू 30 फीसदी बढ़कर 1.2 अरब डॉलर पहुंच गई। इसके प्रीमियम मोटरसाइकिल्स की वैश्विक मांग लगातार बनी हुई है।
इसके अलावा Tata Motors और Maruti Suzuki भी इस लिस्ट में प्रमुख रहे। टाटा मोटर्स की ब्रांड वैल्यू 3.3 अरब डॉलर और मारुति सुजुकी की 2.7 अरब डॉलर आंकी गई। टाटा मोटर्स को इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में बढ़त का फायदा मिला, जबकि मारुति सुजुकी ने घरेलू बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी।
ब्रांड फाइनेंस इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर Ajimon Francis के मुताबिक, अब भारतीय कंपनियां सिर्फ सस्ते उत्पादों के लिए नहीं जानी जातीं, बल्कि वे अपनी अलग पहचान बना रही हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से आगे बढ़ रही हैं। भारत का ऑटो सेक्टर अब ग्लोबल मार्केट में एक बड़ी ताकत के रूप में उभर रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक TVS Motor Company और Ashok Leyland के शेयरों में बढ़त देखने को मिली, जबकि Bajaj Auto और Hero MotoCorp के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अब भारत के चार ऑटोमोबाइल ब्रांड दुनिया के 10 सबसे मजबूत ब्रांड्स में शामिल हो गए हैं। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि ग्राहकों का भरोसा भारतीय कंपनियों पर बढ़ रहा है और उनकी ब्रांड वैल्यू भी मजबूत हो रही है।
वैश्विक स्तर पर ऑटोमोबाइल सेक्टर की कुल ब्रांड वैल्यू 575.4 अरब डॉलर आंकी गई है। इस बीच भारतीय कंपनियां न केवल देश के भीतर बल्कि विदेशों में भी अपनी पहचान मजबूत कर रही हैं।