अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच भारतीय कंपनी जगत के वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के अभी तक जारी नतीजे उत्साहजनक रहे हैं। बैंक, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और हिंदुस्तान जिंक जैसी धातु कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन की बदौलत नतीजे जारी करने वाली कंपनियों का लाभ बढ़ा है। इसके अतिरिक्त अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा और जिंसों की कीमतों में हुई तीव्र वृद्धि से औद्योगिक मूल्य श्रृंखला में वस्तुओं की महंगाई बढ़ी है जिससे कंपनियों की आय में भी इजाफा हुआ है।
वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के लिए 141 कंपनियों ने अभी नतीजे जारी किए हैं जिनका कुल शुद्ध लाभ 14 फीसदी बढ़ा है, जो पिछली 10 तिमाही में सबसे तेज मुनाफा वृद्धि है। इसकी तुलना में वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में कंपनियों की मुनाफा वृद्धि 1.7 फीसदी रही थी। नमूने में शामिल कंपनियों का शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में करीब 1.28 लाख करोड़ रुपये रहा जो तीसरी तिमाही में 1.2 लाख करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 1.12 लाख करोड़ रुपये था।
बैंक, वित्त, बीमा और स्टॉक ब्रोकिंग (बीएफएसआई) फर्मों की अगुआई में कंपनियों का मुनाफा बढ़ा है। बीएफएसआई क्षेत्र की कंपनियों का शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 18.4 फीसदी बढ़ा है। नमूने में शामिल कंपनियों के मुनाफा वृद्धि में बीएफएसआई क्षेत्र की कंपनियों की हिस्सेदारी करीब 61 फीसदी थी। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में इस क्षेत्र की कंपनियों का कुल शुद्ध मुनाफा करीब 61,700 करोड़ रुपये रहा जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 52,000 करोड़ रुपये था।
बीएफएसआई कंपनियों को छोड़ दें तो नमूने में शामिल कंपनियों का कुल शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 10.1 फीसदी बढ़ा जो वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में 3 फीसदी से अधिक है मगर वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के 11 फीसदी से कम है।
तेल कंपनियों का कुल लाभ वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 8.6 फीसदी घटकर 18,510 करोड़ रुपये रहा जो वित्त वर्ष 2025 की समान तिमाही में 20,248 करोड़ रुपये था। बीएफएसआई और तेल एवं गैस को छोड़ दें तो नमूने में शामिल कंपनियों की मुनाफा वृद्धि वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में पिछले 16 तिमाही में सबसे अच्छी रही। इन कंपनियों का कुल शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 19.7 फीसदी बढ़कर 47,530 करोड़ रुपये रहा।
नमूने में शामिल कंपनियों के मुनाफा वृद्धि में आय में तेज वृद्धि और परिचालन मार्जिन में सुधार का मिश्रण देखा गया। नमूने में शामिल कंपनियों की कुल शुद्ध आय या बिक्री वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 9.2 फीसदी बढ़ी जो पिछले सात तिमाहियों में सबसे तेज वृद्धि है।
वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में इन कंपनियों की आय में 8.2 फीसदी की वृद्धि हुई थी। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में इन कंपनियों की कुल आय करीब 9.8 लाख करोड़ रुपये रही जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 8.97 लाख करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 9.18 लाख करोड़ रुपये थी।
नमूने में शामिल कंपनियों का एबिटा मार्जिन 30 आधार अंक बढ़ा है। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के मुकाबले चौथी तिमाही में मार्जिन 200 आधार अंक सुधरा है।