facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Apple में भारतीय प्रतिभा की धाक! मुरादाबाद के सबीह खान को बनाया गया नया COO

Advertisement

वह जेफ विलियम्स की जगह लेंगे जो इस महीने के आ​खिर में अपना पद छोड़ रहे हैं और इस साल के अंत में सेवानिवृत्त हो जाएंगे।

Last Updated- July 09, 2025 | 11:04 PM IST
Apple

प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी ऐपल ने भारतीय मूल के वरिष्ठ अ​धिकारी सबीह खान को अपना नया मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) नियुक्त करने की घोषणा की है। खान पिछले तीन दशक से आईफोन बनाने वाली इस कंपनी के साथ हैं। वह जेफ विलियम्स की जगह लेंगे जो इस महीने के आ​खिर में अपना पद छोड़ रहे हैं और इस साल के अंत में सेवानिवृत्त हो जाएंगे।

खान की पदोन्नति ऐसे समय में हुई है जब ऐपल तमाम चुनौतियों से जूझ रही है। इन चुनौतियों में मोबाइल हैंडसेट की सुस्त वृद्धि रफ्तार और अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए जवाबी शुल्क शामिल हैं।

ऐपल में तीन दशक का सफर

खान फिलहाल ऐपल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (परिचालन) पद पर कार्यरत हैं। वह ऐपल की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, आपूर्तिकर्ता की जिम्मेदारी संबंधी कार्यक्रमों और परिचालन टीम की देखरेख करते हैं।

खान का जन्म 1966 में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हुआ। वह अपने स्कूल के वर्षों में ही सिंगापुर चले गए थे और बाद में अमेरिका में बस गए। उन्होंने टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की। उसके बाद रेंससेलर पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की।

Also Read: शॉर्ट सेलिंग फर्म वायसरॉय रिसर्च ने वेदांत पर लगाए गंभीर आरोप, शेयर 3.38% टूटा

खान 1995 में ऐपल की खरीद टीम में शामिल हुए थे। उससे पहले उन्होंने जीई प्लास्टिक्स में बतौर ऐप्लिकेशन डेवलपमेंट इंजीनियर और प्रमुख खातों के टेक्निकल लीडर के रूप में काम किया।

ऐपल में उन्होंने नवोन्मेषी उत्पाद तैयार करने और कंपनी की वैश्विक परिचालन रणनीति तैयार करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह 2019 से ही ऐपल की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें खरीद, योजना, विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और आपूर्तिकर्ता जिम्मेदारी कार्यक्रम शामिल हैं। इसका उद्देश्य दुनिया भर के श्रमिकों की रक्षा करना और उन्हें शिक्षित करना है।

Also Read: शॉर्ट सेलिंग फर्म वायसरॉय रिसर्च ने वेदांत पर लगाए गंभीर आरोप, शेयर 3.38% टूटा

खान के साथ काम कर चुके उद्योग सूत्रों के अनुसार, वह स्थानीय सरकारों के साथ मिलकर काम करते हैं। जहां तक भारत का सवाल है तो ऐसा समझा जाता है कि उन्होंने फॉक्सकॉन, विस्ट्रॉन और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी आईफोन आपूर्तिकर्ताओं की आपूर्ति श्रृंखला एवं लॉजिस्टिक्स के संचालन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

टिम कुक और जेफ विलियम्स

ऐपल के मुख्य कार्या​धिकारी टिम कुक ने खान को शानदार रणनीतिकार और ऐपल की आपूर्ति श्रृंखला का एक मुख्य वास्तुकार बताया। कुक ने कहा, ‘ऐपल की आपूर्ति श्रृंखला की देखरेख करते हुए खान ने उन्नत विनिर्माण में नई तकनीकों को शामिल करने में मदद की और अमेरिका में ऐपल के विनिर्माण के विस्तार की देखरेख की है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने में मदद की है कि ऐपल वैश्विक चुनौतियों से निपटने में समर्थ है।’

निवर्तमान सीओओ जेफ विलियम्स ने भी नई भूमिका में खान के नेतृत्व में ऐपल के भविष्य के प्रति विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘मुझे 27 वर्षों से सबीह के साथ मिलकर काम करने में खुशी हुई है। मुझे लगता है कि वह दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली परिचालन अ​धिकारी हैं।’

एआई और भारत के लिए योजनाएं

खान ऐपल के सीओओ के रूप में कंपनी के आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) दक्षताओं को बेहतर करने के प्रयासों को आगे बढ़ाएंगे। ब्लूमबर्ग ने बताया कि ऐपल के शीर्ष एआई अधिकारी को हाल में मेटा ने छीन लिया था और कंपनी अपनी एआई तकनीकों को आगे बढ़ाने के लिए किसी बाहरी साझेदारी की तलाश में है।

Advertisement
First Published - July 9, 2025 | 11:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement