देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो के लिए साल 2025-26 की आखिरी तिमाही काफी चुनौतीपूर्ण रही। विपरीत कामकाजी परिस्थितियों और रुपये की गिरती कीमत के चलते जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही में कंपनी को रुपये 2,536.9 करोड़ का तगड़ा घाटा उठाना पड़ा है। यह स्थिति पिछले साल के मुकाबले बिल्कुल उलट है, क्योंकि बीते साल की इसी समान तिमाही में एयरलाइन ने रुपये 3,067.5 करोड़ का बड़ा मुनाफा कमाया था।
हालांकि, इस गिरावट के बावजूद कंपनी की कुल कमाई में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में इंडिगो की कुल आय 3 फीसदी से ज्यादा बढ़कर रुपये 23,830.7 करोड़ पर पहुंच गई, जो इससे पिछले साल की समान अवधि में रुपये 23,097.5 करोड़ थी।
कंपनी की ओर से जारी बयान में बताया गया कि रुपये में आई भारी गिरावट और नए श्रम कानूनों में हुए बदलावों की वजह से परिचालन मुनाफे पर सीधा असर पड़ा, जिससे कंपनी को रुपये 23,936 मिलियन (रूपये 2,393.6 करोड़) का शुद्ध घाटा झेलना पड़ा।
इंडिगो के प्रबंध निदेशक (MD) राहुल भाटिया ने कहा कि पूरा वित्त वर्ष 2026 बेहद मुश्किलों भरा रहा, जिसने मुनाफे को बुरी तरह प्रभावित किया। हालांकि, इस दौरान कंपनी की क्षमता में 9.5 प्रतिशत और कुल आय में 6 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई। उन्होंने साफ किया कि अगर विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) के उतार-चढ़ाव और कुछ असाधारण मामलों के असर को हटा दें, तो इंडिगो ने रुपये 75 बिलियन (रूपये 7,500 करोड़) का मुनाफा दर्ज किया है।
मार्च महीने में घरेलू विमानन बाजार में इंडिगो की हिस्सेदारी 63.3 प्रतिशत रही। खराब नतीजों का असर शेयर बाजार पर भी दिखा और बीएसई (BSE) पर कंपनी के शेयर 3.27 प्रतिशत टूटकर रुपये 4,418.40 पर बंद हुए।