facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Online Gaming: 28 फीसदी GST से आएंगे 20,000 करोड़ रुपये, राजस्व सचिन ने बताया कैसे

Advertisement

Online Gaming Industry खानपान की वस्तुओं पर लगने वाले 5% GST से भी कम भुगतान कर रही है

Last Updated- July 13, 2023 | 5:18 PM IST

राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ने कहा है कि माल एवं सेवा कर (GST) परिषद के ऑनलाइन गेमिंग पर 28 प्रतिशत की दर से कर लगाने के फैसले से सरकारी खजाने को सालाना अनुमानत: 20,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।

जीएसटी परिषद ने मंगलवार को सर्वसम्मति से ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों, कसीनो और घुड़दौड़ पर 28 फीसदी की दर से कर लगाने का फैसला किया।

मल्होत्रा ने गुरुवार को कहा कि सरकार पूर्व की कर मांगों में वसूली के लिए सभी मामलों को सुप्रीम कोर्ट में आगे बढ़ाएगी।

राजस्व सचिव ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री फिलहाल सिर्फ 2-3 फीसदी GST का भुगतान कर रही है, जो कि खानपान की वस्तुओं पर लगने वाले पांच प्रतिशत GST से भी कम है, जिसका उपभोग आम आदमी करता है।

मल्होत्रा ने कहा, “जीएसटी परिषद के एक सदस्य ने तो यह कहा कि ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां 18 प्रतिशत सकल गेमिंग राजस्व (GGR) की दर से कर चुका रही हैं, जो सिर्फ 2-3 प्रतिशत जीएसटी बैठता है।”

बीते वित्त वर्ष में सरकार को इस तरह के कारोबार पर कर से सिर्फ 1,700 करोड़ रुपये का GST मिला। यदि पूर्ण मूल्य पर कर लगाया जाता, तो यह कर वसूली करीब 15,000 से 20,000 करोड़ रुपये बैठती।

उन्होंने कहा, “लेकिन यह (ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर कर) काफी कम दर पर है जिसका भुगतान ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां कर रही हैं। हमारा अनुमान है कि यह राशि इसकी आठ से 10 गुना होनी चाहिए। यदि मात्रा बरकरार रहती है, तो हम इससे सालाना 15,000 से 20,000 करोड़ रुपये जुटा सकते हैं।’’

इन कंपनियों ने कौशल और दांव के अंतर का फायदा उठाया और केवल प्लेटफॉर्म शुल्क या GGR पर 18 प्रतिशत GST का भुगतान किया।

Advertisement
First Published - July 13, 2023 | 5:18 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement