facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

अक्षय ऊर्जा फाइनैंसिंग में 63% वृद्धि

Advertisement

कोयले से चलने वाली बिजली परियोजनाओं की फाइनैंसिंग घटी, सौर और हाईब्रिड ऊर्जा पर बढ़ा फोकस

Last Updated- December 19, 2024 | 11:26 PM IST
Vikram Solar Share

सेंटर फॉर फाइनैंशियल अकाउंटिबिलिटी की रिपोर्ट के मुताबिक 2022 की तुलना में 2023 में अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं की फाइनैंसिंग में 63 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

गुरुवार को जारी कोयला बनाम अक्षय ऊर्जा निवेश 2024 नाम से आई रिपोर्ट में कहा गया है कि कोयले से चलने वाली बिजली परियोजनाओं की फाइनैंसिंग घटी है, हालांकि कोल पॉवर और माइनिंग कंपनियों को कॉर्पोरेट फाइनैंस ऋण 3 अरब डॉलर रहा है।

2023 में अक्षय ऊर्जा में सबसे ज्यादा धन सौर ऊर्जा परियोजनाओं को मिला है, जिसकी हिस्सेदारी 49 प्रतिशत है। उसके बाद हाईब्रिड परियोजनाओं को 46 प्रतिशत और पवन ऊर्जा को 6 प्रतिशत मिला है।

Advertisement
First Published - December 19, 2024 | 11:26 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement