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करीब 73 प्रतिशत भारतीय ‘स्नैक्स’ की सामग्री सूची, पोषण मूल्य पढ़ते हैं: रिपोर्ट

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देशभर में 6,000 से अधिक लोगों के सर्वेक्षण के आधार पर रविवार को जारी की गई ‘हेल्दी स्नैकिंग रिपोर्ट 2024’ में उपभोग के रुझानों की पड़ताल की गई है।

Last Updated- July 07, 2024 | 3:52 PM IST
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करीब 73 प्रतिशत भारतीय किसी भी स्नैक्स (नाश्ता) को खरीदने से पहले सामग्री सूची और पोषण मूल्य को पढ़ते हैं। एक सर्वेक्षण रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है। इससे पता चलता है कि ज्यादातर भारतीय स्नैक्स खाते समय स्वास्थ्य के प्रति जागरुक हो रहे हैं।

देशभर में 6,000 से अधिक लोगों के सर्वेक्षण के आधार पर रविवार को जारी की गई ‘हेल्दी स्नैकिंग रिपोर्ट 2024’ में उपभोग के रुझानों की पड़ताल की गई है।

रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘सर्वेक्षण में शामिल 73 प्रतिशत लोग खरीदारी करने से पहले सामग्री सूची और पोषण मूल्य के लिए लेबल पढ़ना पसंद करते हैं। इनमें से 93 प्रतिशत ने पारदर्शिता पर जोर देते हुए लेबल पढ़ने और स्वस्थ विकल्पों को अपनाने की इच्छा जताई है।’’

स्नैकिंग ब्रांड फार्मले की यह रिपोर्ट खाद्य पदार्थों में मिलावट के बढ़ते मामलों के बीच जारी की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता अब सचेत हैं और वे संभावित हानिकारक पदार्थों के लिए खाद्य पैकेट की जांच करते हैं।

इसलिए, 10 में नौ उत्तरदाताओं ने स्नैक्स के लिए स्वस्थ विकल्प खोजने की कोशिश की। अब लगभग 60 प्रतिशत भारतीय मेवे, बीज और साबुत अनाज जैसे पौष्टिक तत्वों वाले प्राकृतिक उत्पादों का विकल्प चुन रहे हैं।

मखाना और सूखे मेवे स्वस्थ स्नैकिंग खंड में सबसे अग्रणी बनकर उभरे हैं और 67 प्रतिशत भारतीय इन पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को पसंद करते हैं।

भारत में मखानों की बढ़ती लोकप्रियता का एक प्रमाण यह है कि अधिकांश युवाओं ने इसे अपना भरोसेमंद नाश्ता बताया है।

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First Published - July 7, 2024 | 3:52 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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