facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

प​श्चिम ए​शियाई संकट की वजह से विमानन कंपनियों को झेलनी पड़ रही परेशानियां; उड़ानों का मार्ग बदला, वक्त बढ़ा

Advertisement

Iran-Israel conflict: एयर इंडिया की मुंबई-लंदन उड़ान अब ताजिकिस्तान के हवाई क्षेत्र से संचालित की जा रही है, जिससे उड़ान का समय बढ़ रहा है।

Last Updated- October 06, 2024 | 9:31 PM IST
DGCA

प​श्चिम ए​शिया में संकट के बीच ईरान द्वारा इजरायल पर मिसाइलें दागने के बाद ईरान का हवाई क्षेत्र बंद होने से एयरलाइन कंपनियों को मुंबई से यूरोप जाने वाली कई उड़ानों का मार्ग बदलने को मजबूर होना पड़ा है। मार्ग बदलने की वजह से उनकी उड़ान अवधि 20 मिनट तक बढ़ गई है। मुंबई भारत में दिल्ली के बाद देश का दूसरा सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है।

उद्योग के अ​धिकारियों ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि हालात खराब हो गए हैं, क्योंकि अफगानिस्तान (ईरान के पड़ोसी देश) का इस्तेमाल अगस्त 2021 में तालिबान के कब्जे के बाद से किसी एयरलाइन द्वारा नहीं किया जा रहा है। ये एयरलाइन अब अपनी यूरोप की उड़ानें ताजिकिस्तान या इराक के जरिये संचालित कर रही हैं। हालांकि इनमें से कुछ इराकी हवाई क्षेत्र से भी परहेज कर रही हैं और इसके बजाय वे इजरायली हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल कर रही हैं, क्योंकि यह अभी भी खुला हुआ है।

उदाहरण के लिए, एयर फ्रांस की मुंबई-पेरिस उड़ान ईरान द्वारा 1 अक्टूबर के मिसाइल हमले से पहले तक इराकी हवाई क्षेत्र से संचालित की जा रही थी। लेकिन 1 अक्टूबर के बाद एयरलाइन ने अपनी मुंबई-पेरिस उड़ान का मार्ग इजरायल हवाई क्षेत्र से कर दिया है। एयर फ्रांस ने इस मामले में पूछे गए सवाल पर बिजनेस स्टैंडर्ड के सवाल का जवाब नहीं दिया है।

दिल्ली या बेंगलूरु की तुलना में मुंबई पश्चिम में अधिक दूर और प​श्चिम ए​शिया के अधिक निकट स्थित है, इसलिए इसकी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के ईरानी वायुक्षेत्र से गुजरने की संभावना अधिक है। एयर इंडिया की मुंबई-लंदन उड़ान अब ताजिकिस्तान के हवाई क्षेत्र से संचालित की जा रही है, जिससे उड़ान का समय बढ़ रहा है।

संपर्क किए जाने पर एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया, ‘हमारी सभी उड़ानों का प्रतिदिन किसी भी संभावित सुरक्षा या रक्षा संबं​धित जोखिम के लिए मूल्यांकन किया जाता है, चाहे वह प​श्चिम ए​शिया में हो या हमारे रूट नेटवर्क के किसी अन्य हिस्से में हों। जरूरत पड़ने पर बदलाव भी किए जा रहे हैं, जिससे कि हमारे परिचालन को प्रभावित होने से बचाया जा सके। हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है।’

लुफ्थांसा अपनी मुंबई-फ्रैंकफर्ट उड़ान के लिए ईरानी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल कर रही है। उसने अपनी उड़ान का मार्ग बदला है जिससे उसमें लगने वाला समय बढ़ गया है।

विमानन उद्योग के अ​धिकारियों का कहना है कि यदि यात्रा के समय में वृद्धि बनी रही तो हवाई किराया बढ़ सकता है। मौजूदा समय में कम एटीएफ कीमतों से एयरलाइनों को इस समस्या का सामना करने में मदद मिल रही है। 1 अक्टूबर को दिल्ली में एटीएफ कीमत 87,597 रुपये पर थी, जो अक्टूबर 2023 के मुकाबले 25.8 प्रतिशत कम है।

ईरान हवाई क्षेत्र बंद होने की वजह से इंडिगो की मुंबई-इस्तांबुल उड़ान का समय 20 मिनट तक बढ़ गया है। इंडिगो अब अपनी इस उड़ान के लिए इजरायली हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल कर रही है।

Advertisement
First Published - October 6, 2024 | 9:31 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement