एमेजॉन का इरादा देश के छोटे शहरों के व्यापारियों को आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) टूल से लैस करने का है। कंपनी का कहना है कि ये टूल उन्हें न केवल अपने देसी बाजार में, बल्कि जर्मनी से लेकर कनाडा तक के बाजारों में भी मुकाबला करने में मदद कर सकते हैं। कंपनी इस रणनीतिक कदम को अपनी प्राइम डे सेल के 10वें संस्करण के साथ आगे बढ़ा रही है, जो इस महीने दुनिया भर में और अगले महीने भारत में होने वाली है।
कंपनी ने सेलर टूल का एक नया सूट पेश किया है। इसमें सेलर असिस्टेंट नामक टूल अहम है। यह टूल उत्पादों की सूची बनाने से मांग का अनुमान लगाने जैसे कामों को अपने आप कर देता है। इसे इस तरह से बनाया गया है कि विक्रेताओं का रोजमर्रा के कामों में लगने वाला समय कम हो सके।
यह शुरुआत ऐसे समय में की जा रही है जब एमेजॉन को भारत में अब तक की सबसे कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। उसे ई-कॉमर्स क्षेत्र में फ्लिपकार्ट और मीशों जैसी प्रतिस्पर्धियों के साथ-साथ ब्लिंकइट, जेप्टो और स्विगी इंस्टामार्ट जैसी क्विक कॉमर्स कंपनियों से भी मुकाबला करना पड़ रहा है। ये सभी छोटे शहरों में कीमत को लेकर जागरूक खरीदारों को अपनी ओर खींचने की होड़ में लगी हैं। पिछले साल भारत में प्राइम डे के दौरान हर मिनट 18,000 से ज्यादा ऑर्डर मिले थे तथा मझोले और छोटे शहरों से साइन-अप में 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी।
एमेजॉन साल 2010 से भारत में लगभग 40 अरब डॉलर का निवेश कर चुकी है और उसने साल 2030 तक 35 अरब डॉलर और निवेश करने का वादा किया है। एमेजॉन में उभरते बाजारों के लिए विक्रेता अनुभव के निदेशक अभिजीत कामरा ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘हम विक्रेताओं को केवल नए टूल ही नहीं दे रहे हैं, बल्कि हम ऐसी एआई बना रहे हैं जो उनके साथ मिलकर काम करती है और उन्हें अपना कारोबार शुरू करने, प्रबंधन करने तथा बढ़ाने में मदद करती है।’