आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया ने सोमवार को इतिहास बनाया। कंपनी ने आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली जिले के नक्कापल्ली मंडल में नए एकीकृत स्टील संयंत्र का काम शुरू किया और आज उसकी नींव रखी। पिछले 15 सालों में यह भारत में बनने वाला पहला ऐसा संयंत्र है। कंपनी ने कहा कि वह न केवल घरेलू बाजार पर नजर रख रही है, बल्कि यहां से निर्यात का भी उसका लक्ष्य है।
इस स्टील संयंत्र में अलग-अलग चरणों में कुल 1.36 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके अलावा 11,198 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश से अपने निजी इस्तेमाल के लिए बंदरगाह भी बनाया जाएगा। अहम बात यह है कि आंध्र प्रदेश सरकार इस परियोजना को इसकी शुरुआती योजना से लेकर निर्माण तक केवल 15 महीनों में ही तेजी से आगे बढ़ाने में सफल रही।
परियोजना के प्रारंभिक चरण में 82 लाख टन की क्षमता का निर्माण शामिल है जिस पर लगभग 70,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। पूरी परियोजना की सालाना क्षमता 1.78 करोड़ टन की होगी। पहला चरण साल 2029 की शुरुआत तक चालू होने की उम्मीद है। आर्सेलर मित्तल के चेयरमैन लक्ष्मी मित्तल ने कहा, ‘घरेलू स्तर पर उत्पादित अधिक गुणवत्ता वाले स्टील की मांग बढ़ेगी ही। यह इकाई आधुनिक मूल्य संवर्धित स्टील का उत्पादन करेगी। यह परियोजना रोजगार के 1,00,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसर पैदा करेगी। इससे आजीविका और स्टील क्षेत्र में दीर्घकालिक विकास में मदद मिलेगी।’
एएमएनएस इंडिया के चेयरमैन और आर्सेलर मित्तल के मुख्य कार्य अधिकारी आदित्य मित्तल ने कहा, ‘हमने रिकॉर्ड स्तर की रफ्तार से यह आधारशिला रखी है। मैं आंध्र प्रदेश सरकार के अथक प्रयासों के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा, जिसने पारदर्शिता और औद्योगिक निष्पादन की रफ्तार प्रदान की है। हम निवेश करेंगे, विकास करेंगे और आपके पास रोजगार होंगे। यह किसी स्टील संयंत्र के लिए आदर्श स्थिति है क्योंकि यह बेहतरीन समुद्री तट और उत्कृष्ट लॉजिस्टिक प्रदान करता है। इसका मतलब है कि यह संयंत्र न केवल क्षेत्र के ग्राहकों, बल्कि पूरे भारत और दुनिया भर के निर्यात बाजारों को भी सेवा दे पाएगा।’