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इंडस्ट्री को मिलेगा कर्ज का बूस्ट! बैंक दे सकते हैं 9-13% तक लोन ग्रोथ

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जनवरी-जून 2026 में बेहतर मांग, कैपेक्स और इंफ्रा खर्च के चलते औद्योगिक और रिटेल लोन में 9-13% तक स्थिर बढ़ोतरी की उम्मीद है।

Last Updated- April 20, 2026 | 8:58 AM IST
Banking Sectir
Representative image

भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में जनवरी-जून, 2026 की अवधि में 9-13 प्रतिशत औद्योगिक ऋण वृद्धि देखने की संभावना है। फिक्की-आईबीए सर्वेक्षण के अनुसार इसमें स्थिर व क्रमिक विस्तार होगा लेकिन कोई तेज उछाल अपेक्षित नहीं है। औद्योगिक ऋण संभवतः पूंजीगत व्यय में चल रही बहाली, बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय मांग में सुधार से समर्थित होगा।

विभिन्न बैंकों में छोटे वित्त बैंकों और सहकारी बैंकों के गैर-खाद्य ऋण में मुख्य रूप से लगभग 7-9 प्रतिशत ऋण वृद्धि होने की उम्मीद है, जो अपेक्षाकृत रूढ़िवादी विस्तार अपेक्षाओं को दर्शाता है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अधिक आत्मविश्वास प्रदर्शित करते हैं जिसमें ऋण वृद्धि लगभग 11-13 प्रतिशत और 13 प्रतिशत से ऊपर की श्रेणियों में अपेक्षित है। यह बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता, मजबूत पूंजी बफर और कॉरपोरेट ऋण में निरंतर गति से प्रेरित आशावाद का सुझाव देता है, खासकर पूंजीगत व्यय बहाली के संकेतों के बीच। निजी बैंकों के गैर-खाद्य ऋण में प्रतिक्रियाओं का अधिक विविध वितरण दिखाई देता है।

इसमें ज्यादातर 11 से 13 प्रतिशत है। इस क्रम में 13 प्रतिशत से अधिक वृद्धि चुनिंदा व वृद्धि अनुकूल तरीके को दर्शाता है। इसे तरीके को मजबूत खुदरा पोर्टफोलियो, एमएसएमई की ऋण गति और कैलिब्रेटेड कॉरपोरेट एक्सपोजर रणनीतियों से मदद मिलती है।

विदेशी बैंकों के लिए वृद्धि 11 से 13 प्रतिशत के दायरे में रहने की उम्मीद है। यह मध्यम आशावादिता की स्थिति है। इसे वैश्विक तरलता की स्थिति, पूंजी आबंटन प्राथमिकताओं और घरेलू कॉरर्पोरेट क्रेडिट बाजारों में चुनिंदा भागीदारी से मदद मिली है।

सर्वेक्षण में कहा गया है, ‘खंड-वार प्रतिक्रियाएं बैंक श्रेणियों में अपेक्षाओं में स्पष्ट भिन्नता का संकेत देती हैं। छोटे वित्त बैंक और सहकारी बैंक बड़े औद्योगिक उधारकर्ताओं के प्रति सीमित जोखिम और खुदरा व एमएसएमई ऋण की ओर मजबूत झुकाव के कारण औद्योगिक ऋण विस्तार पर अपेक्षाकृत रूढ़िवादी दृष्टिकोण को दर्शाते हुए मुख्य रूप से 7-9 प्रतिशत विकास सीमा में किए गए हैं।’

क्षेत्रों में सर्वेक्षण की प्रतिक्रियाएं खुदरा ऋण वृद्धि के लिए मजबूत आशावादी दृष्टिकोण का संकेत देती हैं। इसमें अपेक्षाएं उच्च दो अंकों के विस्तार की ओर भारी रूप से झुकी हुई हैं। जनवरी-जून 2026 की अवधि में कृषि और संबद्ध क्षेत्र के ऋण वृद्धि में लगभग 9-13 प्रतिशत वृद्धि दिखने की उम्मीद है।

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First Published - April 20, 2026 | 8:39 AM IST

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