facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

अब इमारतों की होगी ‘डिजिटल स्टार’ रेटिंग, बदलेगा प्रॉपर्टी बाजार का खेल

Advertisement

ट्राई ने इमारतों की डिजिटल कनेक्टिविटी को मापने के लिए मौजूदा 5-स्टार सिस्टम को बढ़ाकर 9-स्तरीय रेटिंग फ्रेमवर्क बनाने का प्रस्ताव दिया है।

Last Updated- February 28, 2026 | 9:58 AM IST
telecom
Representative Image

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने शुक्रवार को डिजिटल कनेक्टिविटी के आधार पर इमारतों के लिए रेटिंग फ्रेमवर्क बेहतर बनाने की दिशा में एक परामर्श पत्र जारी किया। इस समय फाइव स्टार सिस्टम है। इसे हाफ-स्टार रेटिंग के साथ नौ-स्तर तक बढ़ाने का प्रस्ताव है।  इस तरीके से अलग-अलग स्तर की डिजिटल कनेक्टिविटी वाली प्रॉपर्टीज में बेहतर अंतर सुनिश्चित किया जा सकेगा। नियामक ने निर्माणाधीन परिसंपत्तियों के लिए डिजाइन-स्टेज सर्टिफिकेशन व्यवस्था का भी प्रस्ताव किया है  जबकि तैयार हो चुकी संपत्तियों के लिए फाइनल रेटिंग को बरकरार रखा है।

नियामक ने परामर्श पत्र में कहा, ‘यह देखा गया है कि मौजूदा फाइव-स्टार रेटिंग में सुधार की जरूरत है ताकि डिजिटल कनेक्टिविटी परफॉर्मेंस के अलग-अलग लेवल वाली प्रॉपर्टीज के बीच ठीक से अंतर किया जा सके, खासकर जहां स्कोर सीमा वैल्यू के करीब है। इसलिए, कंसल्टेशन पेपर में रेटिंग स्केल को और बेहतर बनाने का प्रस्ताव किया गया है। इसमें अतिरिक्त हाफ-स्टार लेवल शामिल किए जाएंगे, जिससे स्केल पांच से नौ रेटिंग स्तर तक बढ़ जाएगा।’ इसके लिए 23 मार्च तक हितधारकों से प्रतिक्रियाएं मांगी गई हैं।

नियामक ने कहा कि अतिरिक्त हाफ-स्टार लेवल, इलेक्ट्रिकल अप्लायंसेज के लिए एनर्जी एफिशिएंसी लेवल तय करने के लिए ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (बीईई) के अपनाए गए तरीके जैसा ही है। समीक्षा का कारण बताते हुए नियामक ने कहा कि ज्यादातर प्रॉपर्टी निर्माण के दौरान ही बेची गईं और क्योंकि मौजूदा फ्रेमवर्क में डिजिटल कनेक्टिविटी इन्फ्रास्ट्रक्चर (डीसीआई) पूरा होने और ड्यू डिलिजेंस स्टेज-2 के तहत ऑन-ग्राउंड असेसमेंट के बाद ही रेटिंग देने का नियम है, इसलिए इस कमी को पूरा करने की जरूरत है।

नियामक ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि संपत्ति प्रबंधकों को वैकल्पिक डिजिटल कनेक्टिविटी ऑडिट व्यवस्था के तहत फॉर्मल रेटिंग के लिए आवेदन करने से पहले, मूल्यांकन और सुधार के मकसद से डिजिटल कनेक्टिविटी ऑडिट करने के लिए रजिस्टर्ड डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियों (डीसीआरए) की सेवा लेने की इजाजत दी जाए।

Advertisement
First Published - February 28, 2026 | 9:58 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement