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Construction Equipment: घरेलू बिक्री में 6.7% की गिरावट, पर निर्यात में 31.5% के उछाल ने चौंकाया

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बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सुस्ती से निर्माण उपकरणों की घरेलू बिक्री 6.7% घटी है, लेकिन बेहतर मानकों के कारण निर्यात में 31.5% की शानदार बढ़त दर्ज हुई है

Last Updated- May 08, 2026 | 10:17 PM IST
Construction
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

वित्त वर्ष 26 के दौरान देश में निर्माण उपकरणों की घरेलू बिक्री में पिछले वर्ष की तुलना में 6.7 प्रतिशत की गिरावट आई है और यह घटकर 1,13,229 रह गई। इसका मुख्य कारण बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सुस्ती, उत्सर्जन के सख्त मानदंडों में बदलाव के बाद उपकरणों की कीमतों में इजाफा, वित्तीय दबाव और पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच कमोडिटी की लागत में वृद्धि रही। भारतीय निर्माण उपकरण विनिर्माता संघ (आईसीईएमए) ने आज यह जानकारी दी।

दूसरी तरफ निर्यात सालाना आधार पर 31.5 प्रतिशत बढ़कर 17,394 तक पहुंच गया। आईसीईएमए ने बताया कि इसका मुख्य कारण यह है कि भारत ने निर्माण उपकरणों के लिए उत्सर्जन के नए मानकों को अपनाया है। इससे घरेलू उत्पाद विकसित देशों के बाजारों के अनुरूप हो गए हैं तथा यूरोप और अन्य क्षेत्रों में निर्यात के अवसर खुले हैं।

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अलबत्ता आईसीईएमए के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट में रुकावटों से उद्योग के लिए अल्पावधि में चुनौतियां बनी रह सकती हैं। खासकर डीजल और बिटुमन जैसी कच्चे तेल से जुड़ी इनपुट लागतों में वृद्धि की वजह से, जो सड़क निर्माण के लिए अहम होती हैं।

आईसीईएमए के अध्यक्ष और जेसीबी इंडिया के मुख्य कार्य अधिकारी व प्रबंध निदेशक दीपक शेट्टी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘अल्पावधि में कुछ चुनौतियां होंगी, खासकर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे देशों में निर्यात को लेकर।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘लेकिन समूचे वर्ष के आधार पर निर्माण उपकरण उद्योग के लिए यह आपदा में अवसर हो सकता है।’

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दीपक शेट्टी ने कहा कि देश के कुल निर्माण उपकरण निर्यात में पश्चिम एशिया की हिस्सेदारी लगभग 10 प्रतिशत या उससे कम है। इसके अलावा कंपनियों ने संघर्ष के कारण वैकल्पिक निर्यात मार्गों की ओर रुख करना शुरू कर दिया था और दुबई बंदरगाह जैसे तनावग्रस्त ट्रांशिपमेंट हब से बच रही थीं।

उन्होंने कहा, ‘उदाहरण के लिए हम पूर्वी अफ्रीका को निर्यात करते हैं। हम दुबई बंदरगाह के जरिये नहीं, बल्कि मोम्बासा बंदरगाह के जरिये निर्यात कर रहे हैं।’ आईसीईएमए के अनुसार घरेलू मांग में आई सुस्ती का संबंध विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के क्रियान्वयन में नरमी से भी था। वित्त वर्ष 26 में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण घटकर 9,380 किलोमीटर रह गया, जो लगभग सात वर्षों में सबसे निचला स्तर है।

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First Published - May 8, 2026 | 10:01 PM IST

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