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Cyber Security: क्या आपका डेटा सुरक्षित है? भारत में रैंसमवेयर हमलों में भारी बढ़ोतरी!

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Cyber Security: नया रैंसमवेयर "लॉकबिट" विंडोज और एप्पल सिस्टम को भी निशाना बना रहा है!

Last Updated- April 22, 2024 | 7:06 PM IST
Cyber Security

कैस्परस्की की रिपोर्ट के अनुसार 2023 में भारत में रैंसमवेयर हमलों का बोलबाला रहा। पूरे साल में 235,472 ऐसे हमले हुए जिनका निशाना कारोबार ही थे। ये आंकड़ा पिछले साल से 50% ज्यादा है। इन हमलों से सबसे ज्यादा परेशानी स्वास्थ्य सेवा, सरकारी विभाग, दूरसंचार और बिजली कंपनियों को हुई। ज्यादातर मामलों में रैंसमवेयर ने कंप्यूटर सर्वरों को इन-एक्टिव कर दिया जिससे कामकाज ठप पड़ गया और आर्थिक नुकसान भी हुआ।

रैंसमवेयर हमलों का तरीका बदल रहा है

कैस्परस्की के प्रमुख मैलवेयर विश्लेषक फेडर सिनित्सिन कहते हैं, रैंसमवेयर हमलों का तरीका बदल रहा है। पहले सिर्फ फाइलों को एन्क्रिप्ट कर के फिरौती मांगने का चलन था, लेकिन अब संगठित अपराधक ग्रुप डेटा चोरी और एन्क्रिप्शन दोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इसे डबल एक्सटॉर्शन अटैक कहा जाता है। इसका मतलब है कि कंपनियों को ना सिर्फ अपनी फाइलें वापस पाने के लिए फिरौती देनी पड़ेगी बल्कि चोरी हुए डेटा के लीक होने का खतरा भी बना रहता है। फेडर सिनित्सिन का कहना है कि अपराधी ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए ये तरीका अपना रहे हैं।

डेटा वापस देने के लिए मांग रहे हैं फिरौती

कैस्परस्की की रिपोर्ट के मुताबिक रैंसमवेयर हमले अब और खतरनाक हो गए हैं। साइबर अपराधी सिर्फ फाइलों को एन्क्रिप्ट करने के बजाय उन्हें चुरा भी रहे हैं और फिर डबल फायदे के लिए फिरौती मांग रहे हैं। एक बार अपराधियों ने चुराए गए डेटा को वापस देने के लिए करीब 10 मिलियन रुपये मांगे।

रिपोर्ट ये भी बताती है कि दुनिया भर की तरह भारत में भी ये हमले तेजी से बढ़ रहे हैं। फोनिक्स रैनसमवेयर ने भारत में कई तरह की कंपनियों को निशाना बनाया है। ये समूह रैनसमवेयर-एज-ए-सर्विस मॉडल पर काम करता है, यानी ये दूसरे अपराधियों को अपना मैलवेयर चलाने के लिए किराए पर दे देता है।

एप्पल सिस्टम भी शिकार से नहीं बच पा रहे

रिपोर्ट के मुताबिक लॉकबिट नाम का एक नया रैंसमवेयर भारत के बड़े संगठनों के लिए खतरा बनकर उभरा है। ये रैंसमवेयर खास है क्योंकि ये ना सिर्फ विंडोज़ बल्कि एप्पल सिस्टम को भी चपेट में ले सकता है।

कैस्परस्की के जयदीप सिंह का कहना है कि 2024 में बड़े संगठनों पर रैंसमवेयर हमले और ज्यादा बढ़ेंगे। कंपनियों को फिरौती, काम में रुकावट और डेटा चोरी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि सभी कंपनियां, चाहे वो छोटी हों या बड़ी, अपने साइबर सुरक्षा को मजबूत करें।

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First Published - April 22, 2024 | 7:06 PM IST

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