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फिर अब समय से होगी डिलीवरी! कंपनियों का दावा: वापस लौटे राइडर्स, नहीं देना होगा ज्यादा सर्ज चार्ज

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चुनाव और फसलों की कटाई खत्म होने के बाद डिलीवरी राइडर्स शहरों में लौट आए हैं। इससे स्विगी और मैजिकपिन जैसी कंपनियों का डिलीवरी टाइम अब जल्द सामान्य होगा

Last Updated- May 10, 2026 | 6:40 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

खाद्य और जरूरी सामानों की डिलीवरी के लिए अब आपको ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। पिछले कुछ हफ्तों से जो डिलीवरी टाइम बढ़ गया था, वह अब जल्द ही सामान्य होने वाला है। जोमैटो, स्विगी और मैजिकपिन जैसे प्लेटफॉर्म्स ने राहत भरी खबर दी है कि शहरों से बाहर गए ‘गिग वर्कर्स’ (डिलीवरी पार्टनर्स) अब वापस काम पर लौटने लगे हैं।

चुनाव और कटाई का सीजन खत्म, सुधरेगी डिलीवरी

दरअसल, पिछले एक महीने के दौरान दो बड़ी वजहों से डिलीवरी प्रभावित हुई थी। पहली वजह थी राज्यों में हुए चुनाव, जिसके लिए बड़ी संख्या में डिलीवरी राइडर्स अपने गांवों और गृहनगरों की ओर वोट डालने चले गए थे। दूसरी वजह थी फसलों की कटाई का सीजन, जिसमें ग्रामीण इलाकों से आने वाले वर्कर्स खेतों में काम करने के लिए चले जाते हैं।

मैजिकपिन के फाउंडर और सीईओ अंशू शर्मा ने बताया कि राइडर्स की वापसी से अब डिलीवरी की रफ्तार बढ़ने लगी है। उन्होंने कहा कि हालांकि पिछले कुछ महीने इस सेक्टर के लिए थोड़े कठिन रहे, लेकिन अब इसमें 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। स्विगी ने भी अपने शेयरधारकों को लिखे पत्र में स्वीकार किया कि फसल और चुनाव के मेल ने पूरी इंडस्ट्री में राइडर्स की कमी पैदा कर दी थी।

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कंपनियों ने उठाए थे कड़े कदम

राइडर्स की कमी की वजह से स्विगी और इंस्टामार्ट जैसी सेवाओं को कुछ कड़े फैसले लेने पड़े थे। कंपनी ने बताया कि डिलीवरी टाइम बढ़ जाने के कारण उन्हें ज्यादा डिमांड वाले इलाकों में ‘सर्ज प्राइसिंग’ (अतिरिक्त शुल्क) लगानी पड़ी थी। साथ ही, बहुत दूर वाले ऑर्डर्स को भी सीमित कर दिया गया था ताकि उपलब्ध राइडर्स का सही इस्तेमाल हो सके। अब कंपनियों को उम्मीद है कि अगले एक-दो हफ्तों में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।

मर्चेंट्स के लिए ‘वेरा’ की एंट्री

डिलीवरी की समस्या के बीच मैजिकपिन ने दुकानदारों और रेस्टोरेंट मालिकों की मदद के लिए ‘वेरा’ (Vera) नाम का एक AI असिस्टेंट भी लॉन्च किया है। यह AI टूल छोटे रेस्टोरेंट्स को उनके मेन्यू, कैटलॉग और कीमतों को रीयल-टाइम डेटा के आधार पर मैनेज करने में मदद कर रहा है। इसे खास तौर पर उन छोटे रेस्टोरेंट्स के लिए लाया गया है जो खपत के डेटा के आधार पर अपना काम बेहतर तरीके से संभालना चाहते हैं। अब जैसे-जैसे राइडर्स लौट रहे हैं, ग्राहकों को फिर से कम समय में अपना पसंदीदा खाना और सामान मिलने लगेगा।

(PTI के इनपुट के साथ)

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First Published - May 10, 2026 | 6:33 PM IST

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