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DGCA का जरूरी फैसला: अब 60% सीटें बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के मिलेगी, यात्रियों को बड़ी राहत

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20 अप्रैल से एयरलाइंस को हर फ्लाइट की कम से कम 60 प्रतिशत सीटें बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के मुहैया करानी होंगी। इससे पहले सिर्फ 20 प्रतिशत सीटें ही फ्री में मिलती थीं

Last Updated- March 29, 2026 | 6:58 PM IST
ATF Price Stabilisation Fund
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

अब हवाई यात्रा करने वालों को सीट चुनने के लिए ज्यादा पैसे नहीं चुकाने पड़ेंगे। एविएशन रेगुलेटर DGCA ने बड़ा फैसला लिया है। 20 अप्रैल से एयरलाइंस को हर फ्लाइट की कम से कम 60 प्रतिशत सीटें बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के मुहैया करानी होंगी। इससे पहले सिर्फ 20 प्रतिशत सीटें ही फ्री में मिलती थीं। बाकी सीटें चुनने के लिए पैसेंजर्स को 200 रुपये से लेकर 2100 रुपये तक का चार्ज देना पड़ता था। अब यह नियम बदलने जा रहा है।

DGCA ने 20 मार्च को अपना एयर ट्रांसपोर्ट सर्कुलर अपडेट किया। इससे पहले 18 मार्च को सिविल एविएशन मंत्रालय ने उसे कहा था कि यात्रियों को सीट चुनने में फेयर मौका मिले। अब नए नियम के तहत एयरलाइंस को अपनी वेबसाइट और ऐप पर साफ बताना होगा कि कितनी सीटें फ्री हैं और किन शर्तों पर मिलेंगी।

परिवार के सदस्यों को पास-पास सीटें

नए नियम में एक और अहम बात यह है कि अगर एक ही PNR (पैसेंजर नेम रिकॉर्ड) पर कई लोग ट्रैवल कर रहे हैं तो उन्हें कोशिश करके पास-पास वाली सीटें दी जाएंगी। मतलब आमतौर पर एक ही रो में बगल-बगल की सीटें। इससे परिवार या दोस्तों को अलग-अलग बैठने की परेशानी कम होगी।

Also Read: Air India की लंबी उड़ानों में पायलट थकान का नया जोखिम, DGCA को फेडरेशन ने चेतावनी दी

DGCA ने साफ कहा है कि एयरलाइंस को पारदर्शी तरीके से सीट अलॉटमेंट पॉलिसी फॉलो करनी होगी। कोई भी अतिरिक्त सर्विस जैसे स्पोर्ट्स इक्विपमेंट या म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स ले जाने के चार्ज भी वेबसाइट पर साफ-साफ दिखाने होंगे। अगर सामान को नुकसान पहुंचने पर कोई जिम्मेदारी है तो वह भी बताना जरूरी है।

एयरलाइंस ने जताई आपत्ति

यह फैसला आने के बाद एयरलाइंस ने काफी विरोध जताया। इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट ने फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) के जरिए सिविल एविएशन मिनिस्ट्री को 20 मार्च को चिट्ठी लिखी। उन्होंने कहा कि इतनी ज्यादा सीटें फ्री करने से उनकी आय पर असर पड़ेगा और उन्हें किराए बढ़ाने पड़ सकते हैं।

एयरलाइंस का कहना है कि सीट सिलेक्शन चार्ज से जो कमाई होती है, उससे वे कुछ खर्च पूरे करती हैं। अब यह रेवेन्यू घटने पर टिकट महंगे हो सकते हैं। हालांकि DGCA का कहना है कि यह नियम 20 अप्रैल से लागू होगा। एयरलाइंस इसकी तैयारी कर रही हैं।

भारत के एयरपोर्ट्स पर रोजाना पांच लाख से ज्यादा यात्री आते-जाते हैं। ऐसे में इस नियम से आम यात्रियों को काफी फायदा होने की उम्मीद है। अब उन्हें सीट चुनने के नाम पर अनावश्यक खर्च नहीं करना पड़ेगा।

DGCA ने सर्कुलर जारी करने के 30 दिन बाद यानी 20 अप्रैल से इसे प्रभावी बनाने का फैसला लिया है। इससे पहले सिर्फ 20 प्रतिशत सीटें फ्री होती थीं, लेकिन अब यह संख्या तीन गुना होकर 60 प्रतिशत हो गई है।

(PTI के इनपुट के साथ)

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First Published - March 29, 2026 | 6:36 PM IST

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