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भारत में EV का क्रेज बढ़ा, 4 महीने में 70% बिक्री उछाल; महिंद्रा सबसे तेज, टाटा टॉप पर कायम

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जनवरी से अप्रैल के बीच भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री करीब 70% बढ़कर 79 हजार यूनिट पार पहुंच गई है।

Last Updated- May 02, 2026 | 10:56 AM IST
Electric Vehicle (EV)
Representative image

भारत के यात्री-वाहन बाजार में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) श्रेणी ने मार्च की रफ्तार को अप्रैल में भी बनाए रखा और इसमें केवल मामूली गिरावट आई। वाहन के खुदरा बिक्री आंकड़ों के मुताबिक जनवरी-अप्रैल के दौरान इलेक्ट्रिक वाहन की बिक्री में सालाना 69.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 79,063 यूनिट तक पहुंच गई।

उद्योग द्वारा संकलित वाहन डेटा के मुताबिक, मार्च में यात्री इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री लगभग 23,097 यूनिट थी जो अप्रैल में थोड़ी घटकर 22,677 यूनिट रही। इससे यह संकेत मिलता है कि वित्त वर्ष के अंत में आई वृद्धि एक अस्थायी तेजी नहीं थी बल्कि यह एक स्थिर मांग के रुझान में बदल गई है।
मार्च में बिक्री फरवरी के मुकाबले लगभग 60 प्रतिशत बढ़ी और यह 14,438 यूनिट गाड़ियों से 23,097 यूनिट गाड़ी के स्तर तक पहुंची। यह वृद्धि वित्त वर्ष के अंत में होने वाली खरीदारी, छूट और कार निर्माताओं द्वारा कीमतों में संभावित वृद्धि के पहले की खरीदारी के कारण हुई।

हालांकि मार्च में आमतौर पर वित्त वर्ष के अंत में खरीदारी से फायदा होता है और अप्रैल में आमतौर पर बिक्री में कमी देखने को मिलती है क्योंकि इस महीने में कार्य दिवस कम होते हैं और सीजन में बदलाव भी होते हैं जो मांग में कोई कमजोरी नहीं दर्शाता।

वर्ष 2026 की पहली तिमाही में बिक्री दिनों की संख्या में काफी अंतर रहा है। जनवरी में 32-34 बिक्री दिन, फरवरी में 27-29 दिन जबकि मार्च में 28-30 दिन थे, जो कि वर्ष के अंत में मांग को प्रभावित करता है। अप्रैल में 26-28 दिन थे जो इस अवधि का सबसे छोटा समय था। इसका अर्थ यह है कि समायोजित आंकड़ों के हिसाब से मांग स्थिर बनी हुई है और इसमें कोई कमी नहीं आई है।

टाटा मोटर्स ने जनवरी-अप्रैल के दौरान स्पष्ट तौर पर अपनी नेतृत्वकर्ता वाली छवि बनाए रखी और इसने जनवरी के लगभग 8,410 यूनिट से बढ़कर मार्च में 8,600 यूनिट गाड़ियां और अप्रैल में 8,500 यूनिट गाड़ियों से अधिक की बिक्री की। इस अवधि में महिंद्रा ऐंड महिंद्रा और मारुति सुजूकी ने भी मजबूत वृद्धि दर्ज की। टाटा मोटर्स की कुल बिक्री जनवरी-अप्रैल में 31,604 यूनिट गाड़ियों तक पहुंच गई, जो सालाना 65.2 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

महिंद्रा ऐंड महिंद्रा सबसे तेजी से बढ़ने वाली खिलाड़ी बनी रही जिसकी बिक्री जनवरी-अप्रैल 2025 में 6,714 यूनिट से बढ़कर इस साल 18,153 यूनिट हो गई जो 170.4 प्रतिशत की वृद्धि है। इसका मतलब है कि इसके ईवी पोर्टफोलियो की जबरदस्त मांग है।

ईवी वाहन क्षेत्र में हाल में कदम रखने वाली कंपनी मारुति सुजूकी ने एक छोटे आधार से शुरुआत करके अपनी बिक्री में वृद्धि की। जनवरी में इसकी बिक्री 221 यूनिट से बढ़कर अप्रैल में 1,200 यूनिट से अधिक हो गई। एमजी मोटर इंडिया इस अवधि में 19,036 यूनिट ईवी गाड़ियों के साथ दूसरी सबसे बड़ी खिलाड़ी के रूप में बनी रही, जिसकी बिक्री में सालाना 18.9 प्रतिशत की अपेक्षाकृत मामूली वृद्धि हुई। इससे यह संकेत मिलते हैं कि कंपनी वृद्धि कर रही है लेकिन बाजार में व्यापक विस्तार की तुलना में इसकी वृद्धि धीमी है।

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First Published - May 2, 2026 | 10:56 AM IST

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