facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

ईंधन के दाम बढ़ते ही ई-कॉमर्स और राइड-हेलिंग कंपनियों की बढ़ी टेंशन, महंगी हो सकती है डिलीवरी!

Advertisement

ईंधन की कीमतों में लंबे समय तक की बढ़ोतरी करने से परिचालन लागत बढ़ सकती है तथा परिवहन, डिलिवरी और ऑनलाइन सामान की कीमतों में 10 से 20 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है

Last Updated- May 16, 2026 | 1:59 PM IST
delivery boy
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

देश की राइड-हेलिंग, ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स क्षेत्र की कंपनियां लॉजिस्टिक और डिलिवरी की लागत बढ़ने के मद्देनजर कमर कस रही हैं। इसकी वजह शुक्रवार को सरकार द्वारा संचालित तेल की खुदरा विक्रता कंपनियों की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर 3 रुपये तक का इजाफा करना है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में उछाल आने के कारण यह बढ़ोतरी की गई है। सीएनजी के दाम भी प्रति किलोग्राम 2 रुपये तक बढ़ाए गए हैं।

उद्योग के अधिकारियों ने कहा कि ईंधन की कीमतों में लंबे समय तक की बढ़ोतरी करने से परिचालन लागत बढ़ सकती है तथा परिवहन, डिलिवरी और ऑनलाइन सामान की कीमतों में 10 से 20 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है। उद्योग के एक अधिकारी ने कहा, ‘इसका सीधा असर बाइक-टैक्सी और डिलिवरी पार्टनरों पर पड़ेगा, जिनके ज्यादातर वाहन पेट्रोल से चलते हैं।’

अगर ईंधन की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो किराया 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। इस बढ़ोतरी का कम से कम कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डाला जा सकता है।’ उद्योग के अधिकारियों ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन राइड-हेलिंग और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए लंबे समय से विकल्प बने हुए हैं। लेकिन तेजी से उन्हें अपनाना मुश्किल है क्योंकि उद्योग में इस्तेमाल होने वाली ज्यादातर बाइक अभी भी पेट्रोल से चलती हैं। 

उद्योग के अधिकारियों ने कहा कि तुरंत दबाव जल्द ही तैयार भोजन, किराने के सामान और पैकेट बंद खाने जैसी श्रे​णियों में महसूस होने की आशंका है, जहां ईंधन की ज्यादा लागत सीधे तौर पर सामान मंगाने और डिलिवरी के खर्च पर असर डालती है।

उद्योग के एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘क्विक कॉमर्स में ताजा भोजन और किराने के सामान वाली श्रे​णियों पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है, जिससे आखिरकार कीमतें बढ़ सकती हैं।’

Advertisement
First Published - May 16, 2026 | 9:17 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement