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सोना महंगा होते ही बाजार में गिरा फुटफॉल, कई शहरों में 80% तक कम हुए ग्राहक

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सरकार द्वारा सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के बाद गोल्ड की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं, जिससे ज्वेलरी दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ अचानक कम हो गई

Last Updated- May 14, 2026 | 7:28 AM IST
gold jewellery

देशभर के ज्वेलरी बाजारों में बुधवार को अचानक खरीदारी धीमी पड़ गई। वजह रही सोने और चांदी पर आयात शुल्क (इंपोर्ट ड्यूटी) बढ़ने के बाद कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी। सरकार ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी है। इसके बाद दोनों धातुओं के दाम रातोंरात तेजी से बढ़ गए। ज्वेलर्स का कहना है कि इससे ग्राहकों का उत्साह कम हो गया है और आने वाले दिनों में भी बाजार सुस्त रह सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोगों से एक साल तक सोना कम खरीदने की अपील की थी, ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके। इसके कुछ दिन बाद सरकार ने ड्यूटी बढ़ाने का फैसला लिया। हालांकि, ज्वेलर्स का कहना है कि शादी का सीजन खत्म होने की वजह से भी बाजार में कमजोरी आई है।

मुंबई: जवेरी बाजार में ‘पिन ड्रॉप साइलेंस’

मुंबई का मशहूर जवेरी बाजार, जहां आमतौर पर काफी भीड़ रहती है, बुधवार को लगभग खाली दिखा। उमेदलाल तिलोकचंद जवेरी के मालिक कुमार जैन ने कहा, ‘ड्यूटी बढ़ने के बाद यहां पिन ड्रॉप साइलेंस है।’ उन्होंने बताया कि जो ग्राहक आ भी रहे हैं, वे नया सोना खरीदने की बजाय पुराने गहने बदलने आ रहे हैं। पॉपली ग्रुप के डायरेक्टर राजीव पॉपली ने कहा कि 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम पर 1.30 लाख रुपये पार करने के बाद 65-70 प्रतिशत ग्राहक एक्सचेंज के लिए आ रहे हैं।

दिल्ली: ग्राहक खरीदारी टाल रहे

दिल्ली के ज्वेलर्स का कहना है कि प्रधानमंत्री की अपील का असर दिखने लगा है। रतन चंद ज्वाला नाथ ज्वेलर्स के मालिक तरुण गुप्ता ने कहा, ‘ग्राहकों के लगातार फोन आ रहे हैं। लोग खरीदारी रोक रहे हैं। हालांकि असली असर कुछ महीनों बाद पता चलेगा।’

उन्होंने कहा कि शादी-ब्याह में सोने की खरीदारी बड़ी परंपरा है और यह एक दिन में खत्म नहीं होगी। वहीं, दरिबा कलां बाजार के ज्वेलर हर्ष जैन ने कहा कि पीएम की अपील का पूरा असर बाजार में दिख रहा है और माहौल काफी ठंडा पड़ गया है।

कोलकाता: कारोबार पर एक और चोट

कोलकाता के बोबाजार इलाके में ज्वेलर्स पहले ही महंगे सोने, फिर चुनावों की वजह से कमजोर मांग का सामना कर रहे थे। अब ड्यूटी बढ़ने से कारोबार और प्रभावित हुआ है। यहां करीब 350 छोटे-बड़े ज्वेलरी शोरूम हैं। स्वर्ण शिल्प बचाओ समिति के कार्यकारी अध्यक्ष बाबलू डे ने कहा, ‘अगर बिक्री नहीं हुई तो लाखों कारीगरों का रोजगार खतरे में पड़ सकता है।’

बेंगलुरु: मिला-जुला असर

बेंगलुरु के कुछ बड़े ज्वेलरी स्टोर्स ने कहा कि अभी ग्राहकों की संख्या में ज्यादा गिरावट नहीं दिखी है। तनिष्क स्टोर के मैनेजर ने बताया कि अप्रैल में उनकी बिक्री 18 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल 11 करोड़ रुपये थी। लेकिन BNR गोल्ड एंड डायमंड्स के अकाउंट्स मैनेजर ने कहा कि पिछले तीन दिनों में सिर्फ 15 ग्राम ज्वेलरी की बिक्री हुई, जबकि आमतौर पर एक हफ्ते में करीब 600 ग्राम बिकता है।

ओडिशा: कई शहरों में 50-80% तक कम हुई भीड़

भुवनेश्वर और कटक के बड़े ज्वेलरी बाजार बुधवार को लगभग खाली दिखे। ज्वेलरी कारोबारियों के मुताबिक कई शहरों में ग्राहकों की संख्या 30 से 50 प्रतिशत तक घटी, जबकि कुछ बाजारों में 80 प्रतिशत तक गिरावट आई। अब ग्राहक नया सोना खरीदने की बजाय पुराने गहनों को रीसायकल करवा रहे हैं। राधा गोबिंदो रॉय ग्रैंडसन ज्वेलर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर सौरव रॉय ने कहा, ‘सरकार को ज्वेलरी कारोबार के लिए राहत पैकेज देना चाहिए। बैंक लोन पर ब्याज में छूट और छोटे कारोबारियों व कारीगरों को मदद जरूरी है, वरना कई दुकानें बंद हो सकती हैं।’

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First Published - May 14, 2026 | 7:28 AM IST

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