केंद्र सरकार बच्चों के लिए इस्तेमाल होने वाले कफ सिरप को लेकर नियमों को सख्त करने की तैयारी में है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रस्ताव दिया है कि दो साल से कम उम्र के बच्चों को कफ और सर्दी की दवाएं लिखने पर पूरी तरह रोक लगाई जाए, जबकि पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए इनके इस्तेमाल को सामान्य रूप से हतोत्साहित किया जाए।
यह प्रस्ताव भारतीय फार्माकोपिया आयोग (IPC) की ओर से जारी नेशनल फार्मुलरी ऑफ इंडिया (NFI) 2026 के ड्राफ्ट का हिस्सा है। इस दस्तावेज का मकसद दवाओं की जानकारी जैसे खुराक, उपयोग, किन परिस्थितियों में दवा नहीं देनी चाहिए और संभावित साइड इफेक्ट्स को मानकीकृत करना है, ताकि डॉक्टर और फार्मासिस्ट सुरक्षित तरीके से दवाएं लिख सकें।
ड्राफ्ट में साफ कहा गया है कि दो साल से कम उम्र के बच्चों को कफ और सर्दी की दवाएं न तो लिखी जाएं और न ही दी जाएं। वहीं पांच साल से कम उम्र के बच्चों के मामले में इन दवाओं का इस्तेमाल तभी किया जाए जब बेहद जरूरी हो और डॉक्टर की कड़ी निगरानी में हो।
इस कदम के पीछे पिछले साल सामने आए उन मामलों को वजह माना जा रहा है, जिनमें कुछ कफ सिरप में मिलावट या संदूषण की आशंका के बाद बच्चों की मौत की घटनाएं सामने आई थीं।