facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

नोएडा में जीएसटी विभाग 10-15 साल पुराने मामलों में दे रहा नोटिस: उद्योग निकाय

Advertisement

उद्योगपतियों के अनुसार, जीएसटी विभाग ने बीते दो माह के अंदर 100 से अधिक व्यवसायों को नोटिस भेजा है।

Last Updated- December 14, 2024 | 2:56 PM IST
GST
Representative Image

गौतम बुद्ध नगर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग उद्योगपतियों को 10 से 15 वर्ष पुराने मामलों में नोटिस भेज रहा है। एक उद्योग निकाय ने यह दावा करते हुए कहा कि इससे व्यापारियों में रोष है। कई उद्यमियों का दावा है कि कर जमा न करने पर उनके बैंक खाते को सीज कर दिया गया है।

उद्योगपतियों के अनुसार, जीएसटी विभाग ने बीते दो माह के अंदर 100 से अधिक व्यवसायों को नोटिस भेजा है। इन नोटिस में 10 से 15 साल पुराने मामले में कर बकाया बताते हुए जुर्माने के साथ कर जमा करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कर जमा नहीं करने पर आगे कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

जीएसटी विभाग की कार्रवाई से उद्यमियों में रोष है। उद्योग संगठन नोएडा एंटरप्रेन्योर एसोसिएशन के महासचिव बी के सेठ ने बताया कि अब उद्यमियों के पास 10 से 15 साल पुराने मामले के दस्तावेज नहीं हैं। ऐसे में वे कैसे साबित करें कि उन्होंने कर जमा कर दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया, ”विभाग अपने दस्तावेजों को ठीक से नहीं रखता है और उद्यमियों को नोटिस भेज कर परेशान कर रहा है। कुछ फैक्टरी मालिकों के बैंक खाते भी सीज कर दिए गए हैं, जिसकी वजह से उनकी परेशानी बढ़ गई है।”

सेठ ने कहा कि जीएसटी विभाग के आयुक्त और अपर आयुक्त के समक्ष उद्यमियों की परेशानी को रखा जाएगा।

Advertisement
First Published - December 14, 2024 | 2:56 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement