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गैस संकट का स्मार्ट समाधान: हंगरबॉक्स ने इलेक्ट्रिक कुकिंग में किया ₹3.5 करोड़ का बड़ा निवेश

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कंपनी के सह संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) संदीपन मित्रा का कहना है कि एक ही तरह के ईंधन स्रोत पर निर्भर रहना अब मुश्किल होता जा रहा है

Last Updated- March 24, 2026 | 11:18 PM IST
HungerBox
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

देश में कॉमर्शियल ईंधन गैस की आपूर्ति कम होने के बीच खाद्य उद्योग नए वैकल्पिक तरीकों की तलाश में है और इसी दिशा में एक संस्थागत फूड-टेक कंपनी हंगरबॉक्स ने नई राह पर कदम रखा है। कंपनी ने परिचालन बिना किसी रुकावट के जारी रहे यह सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रिक कुकिंग का इंतजाम करने में 3.5 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है जिसमें इंडक्शन शामिल है। दरअसल,  रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति सीमित हो गई है जिसकी वजह होर्मुज स्ट्रेट में आई बाधाएं हैं जो दुनिया के लिए एक बेहद अहम समुद्री रास्ता माना जाता है।

कंपनी के सह संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) संदीपन मित्रा का कहना है कि एक ही तरह के ईंधन स्रोत पर निर्भर रहना अब मुश्किल होता जा रहा है। बाहरी बाधाओं के कारण आपूर्ति कभी भी प्रभावित हो सकती है जिससे पूरे खाद्य क्षेत्र पर असर पड़ेगा।

इस पहल के तहत कंपनी अपने फूड पार्टनर और वेंडर को आर्थिक मदद दे रही है ताकि वे उत्पादन बनाए रख सकें और धीरे-धीरे एलपीजी पर निर्भरता कम कर सकें। कंपनी इस समय 800 से ज्यादा साझेदार और वेंडर के साथ काम करती है।

हंगरबॉक्स एक बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) मंच है जो कॉरपोरेट ऑफिस, टेक पार्क, शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य सेवा केंद्रों में कैफेटेरिया प्रबंधन और डिजिटल समाधान उपलब्ध कराता है। बेंगलूरु की यह कंपनी फिलहाल 45 शहरों में 1,000 से ज्यादा कैफे संचालित कर रही है। इसके प्रमुख क्लाइंट में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियां जैसे आईबीएम, एक्सेंचर, विप्रो और टीसीएस शामिल हैं। सिलिंडर की कमी के कारण कंपनी को अपने क्लाइंट के दफ्तर में मेनु सीमित करना पड़ा था। हालांकि, कंपनी को उम्मीद है कि वैकल्पिक समाधान जल्द लागू कर दिए जाएंगे, जिससे स्थिति फिर से सामान्य हो जाएगी।

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First Published - March 24, 2026 | 11:16 PM IST

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