facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

क्या भारत में बनने जा रहे हैं रूसी डिजाइन वाले छोटे परमाणु रिएक्टर? बड़ी तैयारी शुरू!

Advertisement

परमाणु ऊर्जा विभाग और रूस की रोसाटॉम के बीच बैठक में एसएमआर निर्माण, उपकरणों के स्थानीय उत्पादन और परमाणु ईंधन आपूर्ति पर सहयोग बढ़ाने की दिशा में अहम चर्चा हुई

Last Updated- December 04, 2025 | 8:37 AM IST
India, Russia suspend negotiations to settle trade in rupees

भारत और रूस इस बात की संभावनाएं तलाश रहे हैं कि क्या रूसी डिजाइन के परमाणु लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों (एसएमआर) का स्थानीय स्तर पर उत्पादन किया जा सकता है। परमाणु ऊर्जा विभाग में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को संसद में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

जितेंद्र सिंह ने कहा कि बड़े और छोटे परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए परियोजनाओं का विकास एवं परमाणु ईंधन आपूर्ति में सहयोग समेत परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग और रोसाटॉम के बीच एक बैठक हुई है। सिंह ने कहा, ‘बैठक में विशेष रूप से भारत में उपकरणों के उत्पादन के अवसर तलाशने पर अधिक ध्यान दिया गया। संबंधित तमाम मुद्दों के साथ भारत में रूसी डिजाइन के छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों का निर्माण करने पर भी बातचीत हुई।’

सरकार ने केंद्रीय बजट 2025-26 में परमाणु ऊर्जा मिशन की घोषणा की थी, जिसमें 20,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ 2033 तक पांच स्वदेशी एसएमआर के विकास और उनकी तैनाती पर जोर दिया गया। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) ने पहले ही 200 मेगावाट भारत लघु मॉड्यूलर रिएक्टर (बीएसएमआर-200), 55 मेगावाट लघु मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर-55) और हाइड्रोजन उत्पादन के लिए 5 मेगावाट थर्मल हाई टेम्परेचर गैस कूल्ड रिएक्टर पर डिजाइन और विकास कार्य शुरू कर दिया है।

सिंह ने संसद को बताया, ‘प्रौद्योगिकी प्रदर्शन के लिए विभाग साइट पर इन रिएक्टरों की प्रमुख इकाइयों का निर्माण करने का प्रस्ताव है। परियोजना की स्वीकृति मिलने के बाद प्रदर्शन रिएक्टरों का निर्माण 60 से 72 महीनों में होने की संभावना है।’

Advertisement
First Published - December 4, 2025 | 8:37 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement