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चीन में मांग घटने के बीच अनुचित आयात, डंपिंग से भारतीय स्टील मार्केट प्रभावित: पूर्व सचिव

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“...शुल्क लगाने के लिए किए गए आवेदनों पर लगभग डेढ़ वर्ष की लंबी समयावधि के लिए विचार किया जा रहा है, जिससे उद्योग को कम से कम निष्पक्ष सुनवाई में मदद नहीं मिलेगी।”

Last Updated- August 23, 2024 | 6:49 PM IST
Steel Metal sector

पूर्व इस्पात सचिव नागेन्द्र नाथ सिन्हा ने कहा है कि चीन में मांग में कमी के बीच भारतीय इस्पात बाजार ‘अनुचित आयात और डंपिंग’ से प्रभावित हुआ है और सरकार को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने की जरूरत है। सिन्हा 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हुए हैं।

उन्होंने शुक्रवार को बिगमिंट के भारतीय लौह अयस्क और पेलेट शिखर सम्मेलन के सातवें संस्करण में कहा, “अगर आप फ्लैट इस्पात उत्पादों की बात करें तो आयात निश्चित रूप से एक समस्या है। चीनी बाजार में मंदी ने वास्तव में (घरेलू) बाजार को हिलाकर रख दिया है।”

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बढ़ते आयात के कारण मूल्य प्राप्ति प्रभावित हो रही है, जिससे इस्पात निर्माताओं की लाभप्रदता पर असर पड़ा है। सिन्हा ने कहा, “अभी जो आयात हो रहा है वह अनुचित है और डंपिंग हो रही है और भारत सरकार को निश्चित रूप से समयसीमा के भीतर इसका जवाब देना चाहिए।”

उनका यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि स्थानीय इस्पात कंपनियां कई महीनों से चीन सहित चुनिंदा देशों से आयात का मुद्दा उठा रही हैं। इस्पात विनिर्माताओं ने चिंता जताई है कि भारत इस्पात का वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनने के लक्ष्य के विपरीत, इस्पात का शुद्ध आयातक बन रहा है।

सिन्हा ने कहा, “…शुल्क लगाने के लिए किए गए आवेदनों पर लगभग डेढ़ वर्ष की लंबी समयावधि के लिए विचार किया जा रहा है, जिससे उद्योग को कम से कम निष्पक्ष सुनवाई में मदद नहीं मिलेगी।”

सरकार ने 16 अगस्त को घरेलू उद्योग की शिकायत के बाद वियतनाम से हॉट रोल्ड स्टील उत्पादों के आयात में डंपिंग रोधी जांच शुरू की। वाणिज्य मंत्रालय की जांच इकाई व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR) ‘मिश्र धातु या गैर-मिश्र धातु इस्पात के हॉट रोल्ड फ्लैट उत्पादों’ की कथित डंपिंग की जांच कर रही है।

DGTR की अधिसूचना के अनुसार, भारतीय इस्पात संघ ने घरेलू उत्पादकों – जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड और आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया लिमिटेड की ओर से एक आवेदन दायर किया है, जिसमें वियतनाम से आयात पर डंपिंग रोधी जांच शुरू करने की मांग की गई है।

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First Published - August 23, 2024 | 6:49 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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