facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

अप्रैल-अक्टूबर में भारत का तेल-गैस आयात बिल 12% घटा, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत

Advertisement

कच्चे तेल की कीमत कम होने और प्राकृतिक गैस की मांग घटने से वित्त वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में शुद्ध आयात खर्च घटकर 69.9 अरब डॉलर रहा।

Last Updated- November 20, 2025 | 9:35 AM IST
Petrochemical Duty Exemption

भारत का तेल और गैस का शुद्ध आयात बिल चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-अक्टूबर में 12 प्रतिशत कम हो गया। पेट्रोलियम योजना व विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार यह गिरावट कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और प्राकृतिक गैस की मांग में गिरावट के बीच आई है।

वित्त वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में इन दोनों का शुद्ध आयात बिल घटकर 69.9 अरब डॉलर रह गया जबकि यह बीते साल की इस अवधि में 75.9 अरब डॉलर था। भारत घरेलू कच्चे तेल के लिए 90 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस के लिए 50 प्रतिशत आयात करता है। भारत ने इस वर्ष कच्चे तेल का आयात पहले जितना किया था। लेकिन कच्चे तेल की कीमतें गिरने के कारण बचत हुई। अप्रैल-अक्टूबर के दौरान कच्चे तेल का बिल 13 प्रतिशत घटकर 71.2 अरब डॉलर रह गया जबकि पिछले वर्ष यह 81.9 अरब डॉलर था।

Advertisement
First Published - November 20, 2025 | 9:35 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement