हीरो मोटोकॉर्प के मुख्य कार्य अधिकारी (सीईओ) हर्षवर्धन चितले ने बुधवार को कहा कि खाड़ी जंग के बावजूद भारत का दोपहिया उद्योग वित्त वर्ष 2027 में बिक्री में ऊंचे एक-अंक की वृद्धि दर्ज कर सकता है। उसकी यह वृद्धि पूरे देश में मोटरसाइकलों और स्कूटरों की मांग के कारण होगी, भले ही पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कमोडिटी की कीमतें बढ़ रही हों।
वित्त वर्ष 2026 में भारत में लगभग 2.171 करोड़ दोपहिया वाहन बेचे गए और इस तरह इसमें 10.7 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई। इसका कारण वृद्धि सितंबर 2025 में जीएसटी दरों में की गई कटौती थी। चितले ने कहा, ‘उद्योग को वित्त वर्ष 2027 में बिक्री में ऊंचे एक अंक की वृद्धि और मोटरसाइकलों के साथ-साथ स्कूटरों में भी इजाफे की उम्मीद है।’ उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र ने साल की शुरुआत सकारात्मक कदम के साथ की है और वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही की रफ्तार जारी रखी है। नतीजों के बाद बाजार विश्लेषकों से बातचीत करते हुए चितले ने कहा कि अप्रैल और मई की शुरुआत में मांग में अभी तक कोई नरमी नहीं आई है, क्योंकि उत्पादन लागत में हुई बढ़ोतरी का पूरा बोझ अभी तक ग्राहकों पर नहीं डाला गया है।
उन्होंने कहा कि पिछले साल की दूसरे छमाही की मजबूती ने 2026 में बढ़ोतरी की रफ्तार को सहारा दिया, जबकि ई-कॉमर्स के विस्तार और गिग इकॉनमी की मांग जैसे बुनियादी कारक बिक्री बढ़ाने में मदद मिली। हीरो ने वित्त वर्ष 2026 में डेस्टिनी स्कूटर की निर्माण क्षमता 50 प्रतिशत बढ़ा दी है और अपने जूम स्कूटर के लिए इसे एक तिमाही के अंदर दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने कहा, ‘आगे चलकर स्कूटर के क्षेत्र में हमारी स्थिति और मजबूत होगी। ईवी हमारी प्राथमिकता वाला दूसरा क्षेत्र बना हुआ है, क्योंकि कंपनी मॉडल विकास में लगातार निवेश कर रही है।’ चितले ने अल्पावधि दबाव के बावजूद कंपनी के मजबूत मार्जिन दृष्टिकोण को दोहराते हुए कहा, ‘हम 14 से 16 प्रतिशत के बीच मार्जिन बनाए रखने के अपने अनुमान को लेकर प्रतिबद्ध हैं।’