दक्षिण कोरिया के स्टील क्षेत्र के दिग्गज पोस्को ग्रुप के साथ 50:50 हिस्सेदारी वाले संयुक्त उद्यम को जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड ने औपचारिक मंजूरी दे दी है। यह संयुक्त उद्यम ओडिशा में 60 लाख टन प्रति वर्ष क्षमता वाले नए एकीकृत स्टील संयंत्र की स्थापना के लिए है। इससे राज्य के इस सबसे बड़े प्रस्तावित औद्योगिक निवेशों में से एक को नई रफ्तार मिली है।
यह ऐसे समय में हुआ है, जब भारत और दक्षिण कोरिया आर्थिक संबंधों को गहरा करने तथा ऊर्जा, महत्त्वूपर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर और इस्पात जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक दोगुना करना चाह रहे हैं। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की सोमवार को भारत यात्रा के दौरान यह बात सामने आई। प्रस्तावित स्टील परियोजना न केवल ओडिशा के औद्योगिक परिदृश्य के लिए, बल्कि व्यापक भू-राजनीतिक और व्यापारिक लिहाज से में भी अहम है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बदलते वैश्विक व्यापारिक समीकरणों के बीच भारत और दक्षिण कोरिया आपूर्ति श्रृंखलाओं, विनिर्माण साझेदारियों और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने का इरादा जता रहे हैं।
पिछले सप्ताह नियामकीय सूचना में जेएसडब्ल्यू स्टील ने शेयर बाजार को सूचित किया कि उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी सैफ्रन रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड, जेएसडब्ल्यू स्टील और पोस्को ग्रुप (जिसमें पोस्को कंपनी लिमिटेड और पोस्को-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं) के बीच 50:50 हिस्सेदारी वाला संयुक्त उद्यम बन जाएगी।