उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने सोमवार को बताया कि वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पादों की मजबूत पहचान को बढ़ावा देने के लिए स्टील क्षेत्र में लाई गई प्रायोगिक परियोजना के उत्साहजनक परिमाम के बाद अब व्यापक ‘मेड इन इंडिया’ ब्रांडिंग योजना शुरू करने की तैयारी कर रही है।
भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित सम्मेलन में भाटिया ने कहा, ‘मेड इन इंडिया ब्रांड योजना काफी समय से लंबित थी और अब इसे आखिरकार लॉन्च किया जा रहा है। हमने इस्पात क्षेत्र के साथ एक प्रायोगिक परियोजना चलाई है और यह काफी प्रोत्साहित करने वाली रही है। हम उद्योग के साथ इस पर और चर्चा करेंगे कि किन क्षेत्रों में इसे लागू किया जा सकता है, लेकिन इसका ढांचा तैयार है।’
इस कार्यक्रम में एक अलग सत्र में वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत की औद्योगिक नीति को अपनी व्यापार नीति का पूरक होना चाहिए ताकि कुछ आयात की जगह घरेलू उत्पाद लाया जा सके और देश में आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जा सके।
अग्रवाल ने कहा, ‘हमें एक ऐसी औद्योगिक नीति लानी होगी जो हमारी व्यापार नीति का पूरक हो। वे दो अलग-अलग दिशाओं में नहीं चल सकते। यदि मैं कुछ अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापार पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूं और भारत में वैश्विक मूल्य श्रृंखला लाने की कोशिश कर रहा हूं, तो औद्योगिक नीति को पूरक होना चाहिए ताकि उन क्षेत्रों को मजबूत किया जा सके। औद्योगिक नीति उन क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देने में सक्षम होगी, जो न केवल उद्योग में हमारे कुछ आयात को प्रतिस्थापित करने में सक्षम होंगे, बल्कि हमें भविष्य में बढ़ने भी देंगे।’सचिवों की टिप्पणियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम एशिया युद्ध के कारण उत्पन्न व्यवधानों के बीच विदेशी मुद्रा की मांग को कम करने के लिए नागरिकों से आयातित वस्तुओं की खपत कम करने का आग्रह करने के एक दिन बाद आईं।