इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद पांच में से लगभग चार लग्जरी कार खरीदार अब भी पारंपरिक इंजनों को ही पसंद कर रहे हैं। इसे देखते हुए मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने आज यह संकेत दिया कि उसके पोर्टफोलियो में प्लग-इन हाइब्रिड की भूमिका और बड़ी हो सकती है। कंपनी ने कहा कि अगर मांग बढ़ती है तो वह और मॉडलों में यह तकनीक ला सकती है। कंपनी ने यह भी कहा कि हाल में पेश की गई एस-क्लास प्लग-इन हाइब्रिड को स्थानीय स्तर पर असेंबल करने की योजना पर अभी विचार किया जा रहा है, ताकि अगले साल इसे स्थानीय स्तर पर बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
मर्सिडीज-बेंज ने भारत में अपनी पहली प्लग-इन हाइब्रिड इलेक्ट्रिक गाड़ी (पीएचईवी) एस 450ई पेश की है। इसकी कीमत 2.20 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) है। इस प्रमुख लग्जरी सिडैन में 3.0-लीटर का 6 सिलिंडर वाला पेट्रोल इंजन और एक इलेक्ट्रिक मोटर लगी है, जो मिलकर 435 हॉर्स पावर और 680 एनएम का टॉर्क देते हैं। कंपनी का दावा है कि यह केवल इलेक्ट्रिक मोड पर ही लगभग 115 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है।
मर्सिडीज का यह कदम उन लग्जरी वाहन खरीदरों को ध्यान में रखकर उठाया गया है जो चार्जिंग के बुनियादी ढांचे, एक बार बैटरी चार्ज से तय की जाने वाली दूरी (रेंज) और स्वामित्व के अनुभव के संबंध में चिंताओं के कारण पूरी तरह से बैटरी-इलेक्ट्रिक गाड़ियों का रुख करने में हिचकिचाते हैं।
मर्सिडीज-बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी संतोष अय्यर ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘जिन श्रेणियों में हमारी ईवी हैं, वहां 20 प्रतिशत ईवी हिस्सेदारी एक अहम आंकड़ा है और हम इससे खुश हैं। हालांकि 80 प्रतिशत ग्राहक अब भी पारंपरिक इंजन वाली गाड़ियां ही खरीद रहे हैं। जब हम उनकी बात ध्यान से सुनते हैं, तो पता चलता है कि चार्जिंग, रेंज और ईवी के मालिकाना हक को लेकर उनमें अभी भी चिंता है।’
अय्यर ने पीएचईवी को पारंपरिक तेल-गैस इंजन वाले वाहनों और पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों के बीच सेतु बताते हुए कहा, ‘यह दोनों तरह की बेहतरीन पेशकश है। यह एक इलेक्ट्रिक कार भी है, तो यह तेल इंजन की किसी भी रेंज की चिंता को कम कर देता है।’