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Meta भारत में बनाएगी अपना पहला AI डेटा सेंटर, Reliance के साथ मिलाया हाथ

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दुनियाभर में AI को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है और बड़ी टेक कंपनियां अपने डेटा सेंटर नेटवर्क को मजबूत करने में जुटी हैं

Last Updated- June 10, 2026 | 11:55 AM IST
Meta Reliance Partnership

Meta Reliance Partnership: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रेस में भारत की अहमियत लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच Facebook, Instagram और WhatsApp की मालिक Meta ने Reliance Industries के साथ एक बड़ा समझौता किया है। दोनों कंपनियां मिलकर गुजरात के जामनगर में Meta का भारत का पहला AI डेटा सेंटर बनाएंगी। यह डेटा सेंटर 168 मेगावॉट क्षमता का होगा और Meta इसे लीज पर लेकर इस्तेमाल करेगी। साथ ही कंपनी इसके संचालन के लिए जरूरी बिजली और पानी का पूरा खर्च भी खुद उठाएगी।

AI पर बड़ा दांव लगा रही है Meta

दुनियाभर में AI को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है और बड़ी टेक कंपनियां अपने डेटा सेंटर नेटवर्क को मजबूत करने में जुटी हैं। Meta भी इसी दिशा में तेजी से निवेश कर रही है। कंपनी का कहना है कि जामनगर में बनने वाला यह डेटा सेंटर उसके AI मॉडल्स और डिजिटल सेवाओं को और मजबूत बनाने में मदद करेगा। इससे Meta को भारत जैसे बड़े और तेजी से बढ़ते डिजिटल बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का मौका मिलेगा।

Meta Reliance Partnership: दोस्ती पुरानी है

Meta और Reliance पहले भी कई प्रोजेक्ट्स में साथ काम कर चुके हैं। साल 2020 में Meta ने Jio Platforms में 5.7 अरब डॉलर का बड़ा निवेश किया था। इसके बाद पिछले साल दोनों कंपनियों ने मिलकर एक जॉइंट वेंचर भी बनाया था। इस कंपनी में Reliance की 70 फीसदी और Meta की 30 फीसदी हिस्सेदारी है। इसका मकसद भारतीय कंपनियों और डेवलपर्स के लिए AI से जुड़े प्लेटफॉर्म और टूल्स तैयार करना है। अब डेटा सेंटर का यह नया समझौता दोनों कंपनियों की साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाता है।

Meta Reliance Partnership: जामनगर क्यों चुना गया?

Reliance जामनगर में दुनिया के सबसे बड़े डेटा सेंटर कैंपस में से एक विकसित कर रही है। AI डेटा सेंटर चलाने के लिए भारी मात्रा में बिजली और दूसरे संसाधनों की जरूरत होती है और जामनगर में यह सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हैं। यही वजह है कि Meta ने अपने पहले भारतीय AI डेटा सेंटर के लिए जामनगर को चुना है।

मुकेश अंबानी और जुकरबर्ग ने क्या कहा?

Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि यह डेटा सेंटर कंपनी के AI इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर मजबूत करेगा और भारत में उसके निवेश को और बढ़ाएगा।

वहीं Reliance Industries के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि Meta जैसी दुनिया की बड़ी टेक कंपनी के लिए भारत में AI डेटा सेंटर बनाना इस बात का संकेत है कि भारत अब वैश्विक AI क्रांति में अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

Meta Reliance Partnership: भारत को क्या फायदा होगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े डेटा सेंटर बनने से भारत में AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं का इकोसिस्टम मजबूत होगा। इससे निवेश बढ़ेगा, नई नौकरियां पैदा होंगी और भारत AI इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े वैश्विक केंद्रों में शामिल हो सकता है।

कुल मिलाकर, Meta और Reliance की यह साझेदारी सिर्फ एक डेटा सेंटर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को AI की दुनिया में बड़ी ताकत बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

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First Published - June 10, 2026 | 11:47 AM IST

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