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ओजेम्पिक-वेगोवी होगी सस्ती: नोवो नॉर्डिस्क ने कीमतों में की 48% तक की कटौती, मरीजों को बड़ा फायदा

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नोवो नॉर्डिस्क ने भारत में ओजेम्पिक और वेगोवी इंजेक्शन की कीमतों में 48% तक की कटौती की है, ताकि जेनेरिक दवाओं के बढ़ते मुकाबले के बीच अपनी पकड़ मजबूत कर सके

Last Updated- March 31, 2026 | 10:28 PM IST
Novo Nordisk
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

डेनमार्क की दवा निर्माता नोवो नॉर्डिस्क ने सोमवार को अपनी इंजेक्शन वाली दवा ओजेम्पिक की कीमतों में 36 फीसदी और वेगोवी की कीमतों में 48 फीसदी की कटौती करने की घोषणा की। कंपनी के शीर्ष अधिकारियों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि खाने वाला सेमाग्लूटाइड दवा ब्रांड रेबेल्सस इस दायरे से बाहर होगा।

नोवो नॉर्डिस्क इंडिया के प्रबंध निदेशक विक्रांत श्रोत्रिय ने कहा, ‘हमने मुख्य रूप से इंजेक्शन वाली दवाओं की कीमतों में कटौती की है क्योंकि हमें उनकी स्वीकार्यता काफी अच्छी दिखी है। हम चाहते हैं कि ये दवाएं ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे।’ 

कीमतों में कटौती के बाद ओजेम्पिक और वेगोवी की 0.25 मिलीग्राम (एमजी) की खुराक अब मासिक 5,660 रुपये में उपलब्ध होगी। पहले ओ​जे​म्पिक की मासिक कीमत 8,800 रुपये और वेगोवी की मासिक कीमत 10,848 रुपये थी।

ओजेम्पिक भारत में तीन तरह की खुराकों यानी 0.25 एमजी, 0.5 एमजी और 1 एमजी में उपलब्ध है। इनकी कीमत पहले 8,800 रुपये से 11,175 रुपये के बीच थी। अब यह दवा औसतन 23.8 फीसदी की गिरावट के साथ 5,660 रुपये से 9,100 रुपये की कीमत दायरे में उपलब्ध होगी।

वेगोवी भारतीय बाजार में 5 तरह की खुराकों में 10,850 रुपये से 16,400 रुपये की कीमत दायरे में उपलब्ध थी। मगर अब इसकी कीमत घटकर 5,660 रुपये से 16,400 रुपये तक हो गई है। इस प्रकार कीमत में औसतन 27 फीसदी की कटौती की गई है।

ओजेम्पिक को मधुमेह के उपचार के लिए और वेगोवी को मोटापा घटाने एवं वजन कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इन दवाओं की कीमतों में कटौती ऐसे समय में की गई है जब कई भारतीय दवा निर्माताओं ने सेमाग्लूटाइड के जेनेरिक संस्करण लॉन्च किए हैं जिससे दवा की लागत 90 फीसदी तक कम हो गई है। 

भारतीय बाजार में अब तक करीब 17 जेनेरिक सेमाग्लूटाइड लॉन्च किए जा चुके हैं। ये दवाएं वि​भिन्न रूपों में यानी बार-बार इस्तेमाल किए जाने वाले पेन, खास खुराक की शीशियों और खाने वाली गोलियों के रूप में उतारी गई हैं। 

नोवो द्वारा की गई कटौती के बाद इन दोनों दवाओं की कीमत सन फार्मा, नैटको फार्मा और डॉ रेड्डीज द्वारा उतारी गई जेनेरिक दवाओं की कीमतों के बराबर हो गई है।

सन फार्मा ने सेमाट्रिनिटी (मधुमेह) दवा को दो रूपों में 3,000 रुपये से 5,200 रुपये प्रति माह की कीमत पर उतारा है। इसी प्रकार नोवेलट्रीट (वजन घटाने की) को 5 खुराक रूपों में 3,600 रुपये से 8,000 रुपये प्रति माह की कीमत के साथ उतारा गया है। 

नैटको फार्मा ने अपने सेमाग्लूटाइड जेनेरिक दवा का पेन रूप 4,000 रुपये से 4,500 रुपये प्रति माह की कीमत पर उतारा है। डॉ रेड्डीज ने मधुमेह के लिए ओबेडा नाम से इंजेक्शन वाली दवा को पेन रूप में पेश किया है। इसकी कीमत 4,200 रुपये प्रति माह है। 

श्रोत्रिय ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य टाइप 2 मधुमेह, अधिक वजन और मोटापे से ग्रस्त भारत के अधिक से अधिक लोगों के लिए उपचार को सस्ता बनाना है। उन्होंने कहा कि 20 मार्च को पेटेंट समाप्त होने से पहले से ही इस पर विचार किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि भारत में मोटापे और मधुमेह से पीड़ित लोगों की बड़ी तादाद को देखते हुए कीमतों को कम करने से पहुंच का विस्तार होता है। दिलचस्प बात यह है कि नोवो नॉर्डिस्क ने पहले बिज़नेस स्टैंडर्ड को संकेत दिया था कि वह इस मॉलिक्यूल के लिए कीमत की दौड़ में शामिल नहीं होना चाहती है।

श्रोत्रिय ने आज कहा, ‘हम एक विकसित हो रहे बाजार के अनुकूल हो रहे हैं ताकि नवाचार से जुड़े उच्च मानकों को बनाए रखते हुए अधिक सार्थक तरीके से पहुंच का विस्तार किया जा सके।’

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First Published - March 31, 2026 | 10:28 PM IST

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