facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

बंद पड़े कारखानों के कर्मचारियों के संवरेंगे दिन! सरकार ने इनका बकाया भुगतान के लिए डाटा तैयार करने का दिया निर्देश

Advertisement

सरकार ने उद्योगों पर नजर रखने और उनका अद्यतन डाटा तैयार करने के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ (सेल) गठित करने का भी आदेश दिया गया है।

Last Updated- February 18, 2025 | 8:33 PM IST
Factory
प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: Pexels

पिछले कई सालों से बीमार और बंद पड़े कारखानों के कर्मचारी आर्थिक तंगी की मार झेल रहे हैं। कर्मचारियों की परेशानी को समझते हुए राज्य सरकार ने निर्देश दिया है कि बीमार और बंद पड़े उद्योगों के कामगारों के बकाया भुगतान के मामले को प्राथमिकता से राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। उद्योगों पर नजर रखने और उनका अद्यतन डाटा तैयार करने के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ (सेल) गठित करने का भी आदेश दिया गया है।

उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि पिछले कई वर्षों से बीमार और बंद पड़े कारखानों के कामगार आर्थिक संकट में हैं। अब इस समस्या का स्थायी समाधान आवश्यक है। एमआईडीसी (महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम) की भूमि पर स्थित कई बंद कारखानों की संपत्तियां एनसीएलटी के आदेश के तहत नीलाम कर दी जाती हैं, लेकिन इस प्रक्रिया में कामगारों के बकाया भुगतान को प्राथमिकता नहीं मिलती। उन्होंने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए एमआईडीसी और उद्योग विभाग को एक विशेष प्रकोष्ठ बनाने का निर्देश दिया।

Also Read: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, कैबिनेट की बैठक में छठे राज्य वित्त आयोग की स्थापना को मंजूरी

इस प्रकोष्ठ में कामगार विभाग और अन्य विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा। यह प्रकोष्ठ एनसीएलटी के समक्ष लंबित उद्योगों और निकट भविष्य में जाने वाले उद्योगों का अद्यतन डाटा तैयार करेगा और कामगारों के बकाया भुगतान का मुद्दा एनसीएलटी के समक्ष प्रमुखता से रखेगा। कर्मचारियों के वेतन में कुछ कानूनी अड़चन आती है इसके लिए महाराष्ट्र का उद्योग विभाग कंपनी कानून में आवश्यक संशोधन के लिए केंद्र सरकार के साथ पत्राचार करेगा, ताकि कामगारों के हितों की रक्षा की जा सके।

बैठक में कहा गया कि एमआईडीसी केवल उद्योगों को भूमि और सुविधाएं देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वहां काम करने वाले कामगारों के प्रति भी उसकी सामाजिक जिम्मेदारी है। बड़े उद्योग अपने कामगारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था करते हैं, लेकिन छोटे उद्योगों के कामगारों की नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं होती। एमआईडीसी को स्वास्थ्य विभाग की मदद से औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करना चाहिए। इन शिविरों में सभी कामगारों की समग्र स्वास्थ्य जांच की जाएगी।

उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उद्योग मंत्री उदय सामंत उपस्थित थे। बैठक में उपमुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम कुमार गुप्ता, प्रधान सचिव नवीन सोना, एमआयडीसी और उद्योग विभाग के अन्य अधिकारी भी शामिल थे।

Advertisement
First Published - February 18, 2025 | 8:29 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement