मई 2026 में जीवन बीमा कंपनियों का कारोबार बढ़ा जरूर, लेकिन जितनी तेजी की उम्मीद थी उतनी नहीं दिखी। वजह यह रही कि लोगों ने व्यक्तिगत (इंडिविजुअल) बीमा पॉलिसियां तो खूब खरीदीं, लेकिन कंपनियों और संस्थानों को बेची जाने वाली ग्रुप पॉलिसियों का कारोबार कमजोर रहा।
नुवामा की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में जीवन बीमा उद्योग का कुल नया कारोबार (APE) 6.5 फीसदी बढ़कर 11,590 करोड़ रुपये रहा। वहीं व्यक्तिगत बीमा कारोबार 13.3 फीसदी बढ़कर 8,420 करोड़ रुपये पहुंच गया। यानी आम लोगों के बीच बीमा खरीदने का रुझान मजबूत बना हुआ है। लेकिन ग्रुप बीमा कारोबार 8.1 फीसदी घटकर 3,170 करोड़ रुपये रह गया, जिससे कुल ग्रोथ पर असर पड़ा।
मई के दौरान प्राइवेट जीवन बीमा कंपनियों ने LIC से बेहतर प्रदर्शन किया। प्राइवेट कंपनियों का कुल कारोबार 12.9 फीसदी बढ़कर 7,080 करोड़ रुपये पहुंच गया। दूसरी तरफ LIC का कुल कारोबार 2.1 फीसदी घटकर 4,520 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि LIC के लिए एक अच्छी बात यह रही कि उसके व्यक्तिगत बीमा कारोबार में 15.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। लेकिन ग्रुप बिजनेस में 19 फीसदी की गिरावट ने पूरी तस्वीर खराब कर दी। इसी वजह से कुल कारोबार में गिरावट दर्ज हुई। इसका असर बाजार हिस्सेदारी पर भी दिखा। अब कुल नए कारोबार में प्राइवेट कंपनियों की हिस्सेदारी बढ़कर 61.1 फीसदी हो गई है, जबकि LIC की हिस्सेदारी घटकर 38.9 फीसदी रह गई।
प्राइवेट कंपनियों में Axis Max Life का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा। कंपनी का व्यक्तिगत कारोबार 15.7 फीसदी बढ़ा और कुल कारोबार में 12 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी के ग्रुप बिजनेस में भी गिरावट आई, लेकिन फिर भी व्यक्तिगत बीमा कारोबार की मजबूत बिक्री ने उसे अच्छी ग्रोथ दिला दी। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो साल के आंकड़ों को देखें तो बड़े प्राइवेट बीमा खिलाड़ियों में Axis Max Life सबसे तेजी से बढ़ने वाली कंपनी रही है।
SBI Life के व्यक्तिगत कारोबार में 7.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, लेकिन ग्रुप बिजनेस 39 फीसदी गिर गया। इसकी वजह से कंपनी का कुल कारोबार सिर्फ 1.2 फीसदी बढ़ पाया। HDFC Life के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। कंपनी का व्यक्तिगत कारोबार 6 फीसदी बढ़ा, लेकिन ग्रुप बिजनेस में 31 फीसदी की गिरावट की वजह से कुल कारोबार लगभग स्थिर रहा।
ICICI Prudential Life का व्यक्तिगत कारोबार 6.1 फीसदी बढ़ा, जबकि कुल कारोबार 7.3 फीसदी बढ़ा। कंपनी को ग्रुप बिजनेस से भी कुछ सहारा मिला। वहीं Bajaj Allianz Life ने शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी का व्यक्तिगत कारोबार 18.6 फीसदी और कुल कारोबार 20.9 फीसदी बढ़ा। यह उद्योग में सबसे मजबूत ग्रोथ में से एक रही।
रिपोर्ट से एक बात साफ है कि लोग अब भी जीवन बीमा खरीद रहे हैं और व्यक्तिगत बीमा उत्पादों की मांग मजबूत बनी हुई है। लेकिन कंपनियों की ओर से खरीदी जाने वाली ग्रुप पॉलिसियों में सुस्ती दिख रही है। अगर आने वाले महीनों में ग्रुप बिजनेस में सुधार आता है, तो जीवन बीमा उद्योग की कुल ग्रोथ और तेज हो सकती है। फिलहाल प्राइवेट कंपनियां बाजार हिस्सेदारी बढ़ा रही हैं, जबकि LIC को अपने ग्रुप बिजनेस में फिर से मजबूती लाने की जरूरत है।