सरकार ने गुजरात में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (RECPDCL) ने 21.5 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं से बिजली पहुंचाने के लिए दो बड़े ट्रांसमिशन टेंडर जारी किए हैं।
इन परियोजनाओं में लखाडिया में 15 गीगावाट, जाम खंभालिया इलाके में 5.5 गीगावाट और जामनगर में 1 गीगावाट की ग्रीन एनर्जी परियोजनाएं शामिल हैं। सरल शब्दों में कहें तो सरकार अब इतनी बड़ी मात्रा में बनने वाली सौर और पवन ऊर्जा को अलग-अलग राज्यों तक पहुंचाने के लिए बड़ा बिजली नेटवर्क तैयार करना चाहती है।
इन परियोजनाओं को अगले 36 महीनों में पूरा करना होगा। बिजली मंत्रालय ने बोली प्रक्रिया की जिम्मेदारी REC की सहयोगी कंपनी RECPDCL को दी है। इच्छुक कंपनियां 6 जुलाई तक आवेदन कर सकती हैं। सरकार का लक्ष्य 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से 500 गीगावाट बिजली उत्पादन क्षमता हासिल करना है। इसी वजह से गुजरात जैसे राज्यों में बड़े पैमाने पर सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाएं तेजी से विकसित की जा रही हैं।
सरकार को लखाडिया इलाके में 11 गीगावाट से ज्यादा ग्रीन एनर्जी क्षमता जोड़ने के आवेदन मिल चुके हैं। इसमें से 3.5 गीगावाट को मौजूदा बिजली ढांचे से जोड़ा जा चुका है, जबकि बाकी बिजली के लिए नया सबस्टेशन बनाया जाएगा। इन परियोजनाओं के तहत सिर्फ बिजली लाइनें ही नहीं बिछाई जाएंगी, बल्कि पूरा सिस्टम तैयार किया जाएगा। इसमें सर्वे, डिजाइन, फाइनेंस, निर्माण और रखरखाव जैसी जिम्मेदारियां भी शामिल होंगी।
सरकार गुजरात से बनने वाली ग्रीन एनर्जी को दक्षिण गुजरात और महाराष्ट्र जैसे बड़े बिजली उपभोक्ता इलाकों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए केंद्र सरकार ट्रांसमिशन नेटवर्क को भी तेजी से बढ़ा रही है। योजना के मुताबिक 2030 तक अलग-अलग क्षेत्रों के बीच बिजली ट्रांसमिशन क्षमता को 150 गीगावाट तक बढ़ाया जाएगा।