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₹4200 करोड़ का बड़ा निवेश! भारत में बनेगा सोलर हब

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ReNew Energy आंध्र प्रदेश में 4200 करोड़ रुपये की सोलर यूनिट लगाएगी, 2100 रोजगार बनेंगे

Last Updated- April 24, 2026 | 9:33 AM IST
renewable energy

कार्बन कम करने के समाधान मुहैया कराने वाली दिग्गज कंपनी रीन्यू एनर्जी ग्लोबल पीएलसी (रीन्यू) ने आज आंध्र प्रदेश में सौर इंगट-वेफर विनिर्माण इकाई लगाने का ऐलान किया। विशाखापत्तनम के पास अनकापल्ली जिले में 4,200 करोड़ रुपये के निवेश वाली इस इकाई की क्षमता 6.5 गीगावॉट है।

यह देश की पहली नई सौर इंगट-वेफर विनिर्माण इकइयों में एक होगी। यह आंध्र प्रदेश में रीन्यू के 82,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। इस संयंत्र के 24 महीने के भीतर चालू होने की उम्मीद है। इससे आंध्र प्रदेश में 2,100 से अधिक प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार पैदा होंगे। यह परियोजना आंध्र प्रदेश द्वारा राज्य को ‘भारत के सिलिकन कोस्ट’ के रूप में स्थापित करने के लिहाज से अहम है।

यह इकाई स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में भारत की रफ्तार को बढ़ावा देगी, सौर आपूर्ति श्रृंखला का स्थानीय स्तर पर निर्माण करेगी, आयात पर निर्भरता कम करेगी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता मजबूत करेगी। रीन्यू ने सीआईआई पार्टनरशिप समिट 2025 के अवसर पर आंध्र प्रदेश में 82,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता पर हस्ताक्षर किए थे, ताकि देश के स्वच्छ ऊर्जा और विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में राज्य की भूमिका बढ़ सके।

इस इकाई की आधारशिला रखते हुए मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू ने कहा, ‘अब जब हम आंध्र प्रदेश के भविष्य का निर्माण कर रहे हैं, तो औद्योगिक विकास और पर्यावरण अनुकूल क्षमता को साथ-साथ काम करना चाहिए। यह निवेश स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक विनिर्माण के केंद्र के रूप में हमारी स्थिति मजबूत करने में मदद करता है, रोजगार पैदा करता है और राज्य में आर्थिक विकास को गति देता है।’ उन्होंने कहा, ‘रीन्यू हमारे स्वच्छ ऊर्जा के सफर में विश्वसनीय, दीर्घकालिक साझेदार रही है और लगातार हमारे विकास और पर्यावरण अनुकूल लक्ष्यों में योगदान दे रही है।’

यह इकाई सौर आपूर्ति श्रृंखला में अहम अपस्ट्रीम घटक, इंगट और वेफर का उत्पादन करते हुए रीन्यू के सौर पीवी मॉड्यूल और सेल विनिर्माण के बैकवर्ड एकीकरण को सक्षम करेगी। जून 2028 से वेफर और इंगट को शामिल करने के लिए एएलएमएम फ्रेमवर्क के विस्तार के साथ इस बैकवर्ड एकीकरण के लिए सहायक नियामकीय वातावरण और व्यावसायिक स्थिति मौजूद है।

रीन्यू के संस्थापक, चेयरमैन और मुख्य कार्य अधिकारी सुमंत सिन्हा ने कहा, ‘भारत के स्वच्छ ऊर्जा बदलाव के लिए न केवल उत्पादन में बड़े स्तर की आवश्यकता है, बल्कि पूरी मूल्य श्रृंखला में मजबूती की भी आवश्यकता है। यह इकाई उस दिशा में एक कदम है यानी देश के भीतर विनिर्माण क्षमता का निर्माण करना तथा एकीकृत, आत्मनिर्भर स्वच्छ ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र की हमारी दृष्टि को आगे बढ़ाना।’

सिन्हा ने कहा, ‘यह निवेश स्वच्छ ऊर्जा के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता दर्शाता है और इससे राज्य की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति में अहम योगदान मिलेगा।’ सौर विनिर्माण में रीन्यू सबसे दमदार कंपनियों में से एक के रूप में उभर कर सामने आई है। उसके पास 6.5 गीगावॉट की परिचालनगत सौर विनिर्माण क्षमता है। दिसंबर 2026 तक 6.5 गीगावॉट सेल तक विस्तार होने की उम्मीद है। इसके साथ रीन्यू के पास पूरी तरह से संतुलित वेफर, सेल और मॉड्यूल क्षमताएं होंगी, जो पूरी सौर मूल्य श्रृंखला में उसकी स्थिति मजबूत करेंगी।

वित्त वर्ष 26 में रीन्यू की सौर विनिर्माण इकाइयों ने 4.1 गीगावॉट से अधिक मॉड्यूल और लगभग 1.86 गीगावॉट सेल का उत्पादन किया। इसी वर्ष सौर विनिर्माण कारोबार को ब्रिटिश इंटरनैशनल इन्वेस्टमेंट्स (बीआईआई) से 10 करोड़ डॉलर का इक्विटी निवेश प्राप्त हुआ। रीन्यू आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में देश की सबसे बड़ी हाइब्रिड अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल एक परियोजना की भी स्थापना कर रही है और वह इसमें 22,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

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First Published - April 24, 2026 | 9:33 AM IST

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