facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Sugar consumption: देश की चीनी खपत हो सकती है 3 करोड़ टन

Advertisement

Sugar consumption: भारत की चीनी खपत 2024-25 में 3 करोड़ टन पहुंच सकती है, चुनाव और लू के कारण बढ़ी मांग

Last Updated- May 29, 2024 | 10:39 PM IST
Sugar prduction

भारत की शुद्द चीनी खपत अगले सत्र 2024-25 (अक्टूबर से सितंबर) में काफी बढ़कर 3 करोड़ टन पहुंच सकती है। बाजार के साझेदारों के अनुसार देश में चीनी की खपत सालाना आधार पर 2.2 फीसदी की दर से बढ़ रही है। शुद्ध चीनी खपत एथनॉल को अलग किए बिना हुई खपत है।

भारत में चीनी की खपत सालाना आधार पर 2.2 फीसदी की दर से बढ़ रही है जबकि विश्व में चीनी की औसत वृद्धि खपत 1फीसदी के करीब है। मौजूदा चीनी सत्र 2023-24 सितंबर महीने में खत्म होगा। इसमें घरेलू चीनी की मांग नए रिकॉर्ड स्तर 2.9 करोड़ टन को छू गई है। देश में चीनी की मांग में जबरदस्त बढ़त की वजह तेज लू चलना और चल रहा आम चुनाव है।

चुनाव के दौरान पेय पदार्थों की मांग कई गुना बढ़ जाती है जबकि लू के कारण शीतल पेय पदार्थों और कन्फेक्शनरीज (चॉकलेट, मिठाई आदि) की मांग बढ़ जाती है। देश में सालाना कुल चीनी खपत का 60 फीसदी हिस्सा कन्फेक्शनरीज में होता है।

केंद्र ने 2023-24 के सत्र में चीनी मिलों के जरिये अक्टूबर से मई के बीच 1.96 करोड़ टन चीनी जारी की थी और यह चीनी विनियमित जारी आदेशों के तहत जारी की गई थी। यह बीते सत्र (2022-23) में जारी चीनी से करीब 9 फीसदी अधिक थी।

Advertisement
First Published - May 29, 2024 | 10:39 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement