लग्जरी, अपस्केल और मिडस्केल वाली श्रेणियों में होटलों का संचालन करने वाली बेंगलूरु की आतिथ्य-सत्कार क्षेत्र की श्रृंखला तामारा एक्सपीरियंसेज का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में अपने ऐसेट-लाइट (भौतिक परिसंपत्तियों में कम निवेश) और ऐसेट-हैवी (भौतिक परिसंपतियों में अधिक निवेश) मॉडल के बीच 50:50 का मिश्रण हासिल करना है। इसी समय सीमा में विस्तार के लिए 600 करोड़ रुपये का निवेश भी किया जाएगा।
तामारा लीजर एक्सपीरियंसेज के मुख्य कार्य अधिकारी समीर एमसी ने कहा, ‘हम विकास के प्रति बहुत अनुशासित रहेंगे। हम केवल अंकड़ों और सौदे करने की दौड़ में नहीं है, बल्कि अपने पोर्टफोलियो में विस्तार करने का स्पष्ट उद्देश्य है। हमने अपने स्वामित्व वाले पोर्टफोलियो, लोगों और प्रणालियों के लिहाज से मजबूत नींव बनाई है। अब हमें लगता है कि ऐसेट-लाइट मॉडल हमें तेजी से बढ़ने तथा और ज्यादा स्थानों पर अपना अनुभव प्रदान करने में मदद करेगा।’
उन्होंने कहा कि तीन ब्रांडों – लग्जरी क्षेत्र में तामारा, अपस्केल वाली श्रेणी में ओ बाय तामारा और मिडस्केल वाली श्रेणी में लिलैक के साथ ऐसेट-लाइट मॉडल मुख्य रूप से लिलैक ब्रांड के विस्तार में मदद करेगा। कंपनी ने हिमाचल प्रदेश के कुफरी में ऐसेट-लाइट मॉडल के तहत अपनी पहली प्रॉपर्टी के लिए सौदा किया है।
उन्होंने कहा ‘जैसे-जैसे हम इस क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे, मुझे उम्मीद है कि हम लिलैक की ओर थोड़ा ज्यादा झुकाव देखेंगे, क्योंकि आपूर्ति की कमी के कारण देश में मिड-स्केल वाली श्रेणी में सबसे ज्यादा वृद्धि दिख रही है।’
विस्तार के लिए कंपनी अपने आंतरिक संसाधनों से 600 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। उन्होंने कहा, ‘भविष्य में चलकर हम 30 से 50 साल से अधिक के दीर्घकालिक दृष्टिकोण से कारोबार देखना चाहते हैं और यही कारण है कि हमने विस्तार पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया है। हमारे पास वर्तमान में संचालित संपत्तियों की संख्या के समान ही पाइपलाइन है और हमारा लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में अपना पोर्टफोलियो दोगुना करना है।’
वित्तीय वर्ष 25 में 150 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ कंपनी का लक्ष्य भविष्य में सालाना आधार पर दो अंकों की वृद्धि दर्ज करना है और मौजूदा एक अंक वाले स्तर से अगले तीन वर्षों में उद्योग-स्तरीय एबिटा मार्जिन तक पहुंचने का इरादा है।