facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

सी-पेस के तहत कंपनियों की निकासी में आई तेजी, लग रहे 70 से 90 दिन

Advertisement

कारोबारी सुगमता के लिए केंद्र का बड़ा कदम, कंपनियों के स्वैच्छिक समापन में तेजी।

Last Updated- November 27, 2024 | 9:52 PM IST
C Pace

चालू वित्त वर्ष में इस साल 15 नवंबर तक सेंटर फॉर प्रोसेसिंग एक्सीलेरेटेड कॉरपोरेट एक्जिट (सी-पेस) के तहत कुल 11,855 कंपनियों को हटा दिया गया है। सी-पेस की स्थापना पिछले साल 100 से भी कम दिनों के भीतर की गई थी। यह जानकारी कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने लोक सभा में एक जवाब के दौरान दी। साथ ही बताया गया कि ऐसे आवेदनों के निष्पादन में लगने वाला समय भी पहले के छह महीनों से कम होकर 70 से 90 दिन हो गया है।

केंद्र सरकार ने हितधारकों के साथ बातचीत की आवश्यकता को खत्म करने के विचार के साथ कारोबारी सुगमता के लिए इसकी शुरुआत की थी। इसकी स्थापना री-इंजीनियरिंग के साथ 6 माह से कम समय में कंपनियों के स्वैच्छिक समापन को सुविधाजनक बनाने और रफ्तार देने के लिए की गई थी। पहले एसटीके फॉर्म, जो कंपनियों को हटाने से जुड़ा था वे कंपनियों के रजिस्ट्रार द्वारा निपटाए जाते थे।

संसद में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इसके शुरू होने के बाद से वित्त वर्ष 2023-24 में सी-पेस के जरिये कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 248 (2) के तहत 13,560 कंपनियों को हटाया गया। इस साल 5 अगस्त को जारी की गई एक अधिसूचना में कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी) को खत्म करने से संबंधित ई-फॉर्म के प्रसंस्करण के लिए भी सी-पेस को सशक्त बनाया था।

मंत्रालय के मुताबिक, इस साल 15 नवंबर तक सीमित देयता भागीदारी अधिनियम 2008 की धारा 75 के तहत 3,264 एलएलपी को हटा दिया गया है। मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2019-20 से लेकर वित्त वर्ष 2023-24 के बीते पांच वित्त वर्षों के दौरान 2,33,566 कंपनियों को हटा दिया। इनमें एक साल के भीतर कारोबार शुरू नहीं करने जैसे कारण शामिल थे। लोक सभा में कॉरपोरेट कार्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने एक सवाल के जवाब में दी। इस साल 14 नवंबर तक भारत में कुल 27,75,567 कंपनियां पंजीकृत हैं और उनमें से 17,83,418 कंपनियां सक्रिय हैं।

Advertisement
First Published - November 27, 2024 | 9:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement