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Vedanta चेयरमैन अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा: नीलामी के बाद भी 85% खनिज ब्लॉक अब तक बंद

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लिंक्डइन की एक पोस्ट में अग्रवाल ने कहा कि पिछले एक दशक में नीलाम किए गए लगभग 85 प्रतिशत खनिज ब्लॉक देश में अब भी चालू नहीं हो पाए हैं

Last Updated- March 20, 2026 | 10:21 PM IST
Anil Agarwal Vedanta Demerger
वेदांत ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन अनिल अग्रवाल | फाइल फोटो

भारत आयात पर बढ़ती निर्भरता और प्राकृतिक संसाधनों के लिए बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा है। ऐसे में वेदांत ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने भारत के खनन क्षेत्र में मौजूद गंभीर कमियों को आज उजागर किया। उन्होंने नीलाम खनिज ब्लॉकों को जल्द से जल्द चालू करने के लिए तुरंत सुधारों की मांग की। 

लिंक्डइन की एक पोस्ट में अग्रवाल ने कहा कि पिछले एक दशक में नीलाम किए गए लगभग 85 प्रतिशत खनिज ब्लॉक देश में अब भी चालू नहीं हो पाए हैं। नीलामी वाले इन 592 खंडों में से केवल 82 में ही उत्पादन शुरू हो सका है। उन्होंने इस स्थिति को खनिजों के मामले में भारत की आत्मनिर्भरता में बड़ी रुकावट बताया।

यह पोस्ट इसलिए भी अहम है क्योंकि भारत के आयात बिल में खनिज, धातु और हाइड्रोकार्बन जैसे प्राकृतिक संसाधनों का बहुत बड़ा हिस्सा है। उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘हमारे कुल 400 अरब डॉलर के आयात बिल में से लगभग 50 प्रतिशत हिस्सेदारी जमीन के नीचे से निकलने वाले संसाधनों की है। इससे दूसरे देशों में रोजगार पैदा होते हैं। ये रोजगार हमें यहीं पैदा करने चाहिए।’ 

उनकी ये टिप्पणियां ऐसे समय आईं जब उद्योग के भीतर इस बात पर आम सहमति बन रही है कि खनन सुधारों के अगले चरण में नीलामी से आगे बढ़कर काम पूरा करने और उत्पादन पर ध्यान देना चाहिए। भुवनेश्वर में हाल में हुई इंडिया माइंस ऐंड मिनरल्स कॉन्क्लेव 2026 में भी उद्योग प्रमुखों ने इसी तरह की चिंताएं जाहिर की थीं। 

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First Published - March 20, 2026 | 10:21 PM IST

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