भारत के बड़े हिस्से में इन दिनों भीषण लू और चिलचिलाती गर्मी का कहर जारी है। जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है, तब ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स सेक्टर की रीढ़ कहे जाने वाले लाखों ‘गिग वर्कर्स’ यानी डिलीवरी पार्टनर्स सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। दोपहिया वाहनों पर ट्रैफिक के बीच सामान पहुंचाने वाले इन जांबाजों के लिए यह मौसम सिर्फ थकान भरा नहीं, बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। डिहाइड्रेशन, हीटस्ट्रोक और कमजोरी का खतरा हर वक्त उन पर मंडराता रहता है।
एल्गोरिदम के सख्त टारगेट और जल्द से जल्द डिलीवरी के दबाव के बीच, ये वर्कर्स दोपहर की चिलचिलाती धूप में सड़कों पर होते हैं। अक्सर उनके पास न तो साफ पानी की सुविधा होती है और न ही सुस्ताने के लिए कोई छायादार जगह। हालांकि, अब इन खतरों को देखते हुए एमेजॉन, जोमैटो और स्विगी जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने डिलीवरी पार्टनर्स को राहत देने के लिए खास इंतजाम शुरू किए हैं।
गर्मी से राहत देने की इस कड़ी में एमेजॉन ने ‘प्रोजेक्ट आश्रय’ की शुरुआत की है। इसके तहत प्रमुख शहरों में 100 एयर-कंडीशंड रेस्ट स्टॉप बनाए गए हैं। खास बात यह है कि इन केंद्रों का इस्तेमाल सिर्फ एमेजॉन के ही नहीं, बल्कि किसी भी दूसरी कंपनी के डिलीवरी पार्टनर्स कर सकते हैं। इन केंद्रों पर बैठने की जगह, साफ शौचालय, पीने का पानी और फर्स्ट-एड की सुविधा मौजूद है। कंपनी का दावा है कि हर महीने लगभग 1.5 लाख डिलीवरी पार्टनर्स इन सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। इसके अलावा, देश भर में मेडिकल कैंप लगाकर फ्री चेकअप भी किया जा रहा है, जहां डॉक्टर उन्हें लू से बचने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह देते हैं।
इसी तरह, जोमैटो ने भी रेस्टोरेंट पार्टनर्स, TVS और शेल के साथ हाथ मिलाया है। इस साझेदारी के जरिए 5,000 से ज्यादा रेस्ट पॉइंट बनाए गए हैं, जहां डिलीवरी पार्टनर्स छाया और पानी का लाभ ले सकते हैं।
Also Read: LPG किल्लत से फूड डिलिवरी ऑर्डर घटे, गिग वर्करों की कमाई प्रभावित
सिर्फ रुकने की जगह ही नहीं, बल्कि डिलीवरी के दौरान शरीर को ठंडा रखने के लिए भी तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। स्विगी और जोमैटो ने अपने राइडर्स के लिए खास ‘कूलिंग वेस्ट’ (जैकेट) पेश किए हैं। स्विगी की एंटी-माइक्रोबियल जैकेट को अगर पानी में भिगोकर पहना जाए, तो यह शरीर के तापमान को 6 से 7 डिग्री तक कम रख सकती है। वहीं, जोमैटो ने बेहद हल्की सनस्क्रीन जैकेट की पेशकश की है।
क्विक-कॉमर्स सेक्टर की बड़ी खिलाड़ी ‘बिगबास्केट’ और ‘जेप्टो’ भी पीछे नहीं हैं। बिगबास्केट अपने स्टोर्स पर वेंटिलेशन, बैठने की जगह और इलेक्ट्रोल पाउडर व कोल्ड ड्रिंक्स उपलब्ध करा रही है। वहीं, जेप्टो ने अपने डार्क स्टोर्स की छतों पर गर्मी रोकने वाली कोटिंग (Heat-Reflective Coating) लगवाई है और एयर कूलर की संख्या बढ़ाई है। जेप्टो ने यह भी साफ किया है कि उनकी बीमा पॉलिसी में हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी बीमारियों के इलाज का खर्च भी शामिल है।
Also Read: कमर्शियल गैस की कीमतों में आग: दिल्ली के फूड वेंडर्स बेहाल, रेस्टोरेंट्स रेट बढ़ाने की तैयारी में!
सेहत बिगड़ने की स्थिति में तुरंत मदद के लिए कंपनियों ने डिजिटल हेल्थ सर्विस को भी मजबूत किया है। फ्लिपकार्ट ने अपने डिलीवरी पार्टनर्स यानी ‘विशमास्टर्स’ के लिए ‘डॉक्टर ऑन कॉल’ सेवा शुरू की है। ब्लिंकिट ने अपने ‘डॉक्टर@स्टोर’ कंसल्टेशन का विस्तार किया है, ताकि स्टोर पर ही डॉक्टर की सलाह मिल सके। एमेजॉन ने किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए एक मुफ्त एम्बुलेंस सपोर्ट लाइन भी शुरू की है।
कंपनियां अपने ग्राउंड स्टाफ को इस बात की ट्रेनिंग भी दे रही हैं कि वे गर्मी से जुड़ी बीमारियों के शुरुआती लक्षणों को पहचान सकें और समय रहते इलाज ले सकें। ग्लूकोज, ORS और हाइड्रेशन उत्पादों वाली समर किट का वितरण अब लगभग हर बड़े प्लेटफॉर्म पर एक जरूरी हिस्सा बन चुका है। इन कोशिशों का मकसद सिर्फ बिजनेस को सुचारू रखना नहीं, बल्कि उस वर्कफोर्स को सुरक्षित रखना है जो तपती दोपहर में हमारे दरवाजों तक खुशियां पहुंचाते हैं।
(PTI के इनपुट के साथ)