facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Infosys को लगा बड़ा झटका, ग्लोबल क्लाइंट ने रद्द की इतने अरब डॉलर की डील

Advertisement

डील का रद्द होना वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चित आर्थिक स्थिति को उजागर करता है, जिसने IT सेक्टर के प्रदर्शन को प्रभावित किया है।

Last Updated- December 24, 2023 | 1:14 PM IST
Infosys Q4 Results

IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी इंफोसिस (Infosys) को 1.5 अरब डॉलर का शॉक लगा है। कंपनी ने शनिवार यानी 23 दिसंबर को इसकी सूचना दी। हालांकि IT दिग्गज ने डील कैंसिल करने वाली उस विदेशी कंपनी का नाम उजागर नहीं किया।

दरअसल इस साल सितंबर में, भारत की दूसरी सबसे बड़ी IT सर्विस कंपनी, इंफोसिस ने इंफोसिस प्लेटफॉर्म और AI सॉल्यूशन का लाभ उठाते हुए आधुनिकीकरण और बिजनेस ऑपरेशन सर्विस के साथ बेहतर डिजिटल अनुभव प्रदान करने के लिए एक वैश्विक कंपनी (जिसका उन्होंने नाम नहीं लिया था) के साथ 1.5 अरब डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की थी। यह डील 15 साल की अवधि के लिए थी।

डील रद्द करने की वजह साफ नहीं

एक एक्सचेंज फाइलिंग में इंफोसिस ने कहा, “ग्लोबल कंपनी ने अब समझौता ज्ञापन (MoU) को समाप्त करने का फैसला किया है और दोनों कंपनियां मास्टर समझौते का पालन नहीं करेंगी।”

“यह एक ग्लोबल कंपनी के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) के संबंध में “कंपनी अपडेट” शीर्षक वाले 14 सितंबर, 2023 के पत्र के माध्यम से इंफोसिस द्वारा किए गए खुलासे के क्रम में है, जो एक मास्टर समझौते में प्रवेश करने वाले पक्षों के अधीन था।” हालांकि फाइलिंग में डील रद्द करने की वजह का जिक्र नहीं किया गया है।

Also read: FPI का इस महीने अब तक 57,300 करोड़ रुपये का निवेश

डील का रद्द होना वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चित आर्थिक स्थिति का संकेत

पिछले हफ्ते, इंफोसिस ने घोषणा की कि उसने ऑटो पार्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर LKQ यूरोप से पांच साल का सौदा हासिल किया है। इसके अन्य हालिया बड़े सौदों में लंदन स्थित लिबर्टी ग्लोबल के साथ पांच साल के लिए 1.64 अरब डॉलर का सौदा शामिल है।

डील का रद्द होना वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चित आर्थिक स्थिति को उजागर करता है, जिसने IT सेक्टर के प्रदर्शन को प्रभावित किया है।

वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में इंफोसिस द्वारा साइन किए गए कुल कॉन्ट्रैक्ट की वैल्यू 7.7 अरब डॉलर थी। हालांकि सभी प्रमुख आईटी कंपनियों की TCVs अच्छी तरह से बढ़ रही है, लेकिन मजबूत राजस्व वृद्धि में परिवर्तन स्पष्ट नहीं था।

इस साल की शुरुआत में, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने भी घोषणा की थी कि बीमा कंपनी ट्रांसअमेरिका ने 2 अरब डॉलर का सौदा रद्द कर दिया है। इस सौदे पर 2018 में हस्ताक्षर किए गए थे और TCS स ने इस सौदे पर साढ़े पांच साल तक काम किया था।

Advertisement
First Published - December 24, 2023 | 12:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement